क्यों बंद हुई ट्रेडिंग विंडो?
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations का पालन करने के लिए उठाया गया है। इसके तहत, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और अन्य अहम लोग, यानि 'इनसाइडर्स', 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर और तिमाही के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद तक कंपनी के शेयरों में कोई भी खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। इस विंडो का मुख्य उद्देश्य मार्केट की पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह के इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल?
हालांकि, यह एक रूटीन प्रक्रिया है, लेकिन S.M. Gold इस समय कुछ गवर्नेंस संबंधी सवालों के घेरे में भी है। हाल ही में कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के इस्तीफे को लेकर एक फाइलिंग में तारीखों को लेकर बड़ी गड़बड़ी पाई गई थी। एक तरफ जहां इस्तीफे की घोषणा का पत्र 18 मार्च, 2025 का था, वहीं इस्तीफा 17 मार्च, 2026 से प्रभावी माना गया, जो कि लगभग एक साल का अंतर है। इस घटना ने कंपनी की आंतरिक प्रक्रियाओं और रिपोर्टिंग की सटीकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या?
इस बीच, शेयर बाज़ार के निवेशक अब कंपनी के FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। इन नतीजों से कंपनी के प्रदर्शन और मुनाफे की अहम जानकारी मिलेगी। इस गवर्नेंस मामले पर कंपनी से रेगुलेटर्स को स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है, और नतीजों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि निवेशकों का भरोसा कैसे कायम रहता है।
