DGFT का SM Auto Stamping पर शिकंजा: EPCG लाइसेंस पर जारी हुआ शो कॉज नोटिस
SM Auto Stamping Limited ने शेयर बाजार को बताया है कि उसे डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT), पुणे से 25 मार्च 2026 को एक शो कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस कंपनी के एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स (EPCG) लाइसेंस से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में है। इस नोटिस के जवाब में एक सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी को मिले नोटिस नंबर 3130006758 में कहा गया है कि SM Auto Stamping ने अपने EPCG लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया है। कंपनी ने कहा है कि उसे यह सूचना ईमेल के जरिए मिली है और वह इसका विस्तृत जवाब तैयार कर रही है। मामले की सुनवाई के लिए 6 अप्रैल 2026 की तारीख तय की गई है।
DGFT और EPCG लाइसेंस का महत्व
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) भारत की फॉरेन ट्रेड पॉलिसी (Foreign Trade Policy) को मैनेज करने वाली सरकारी संस्था है। एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स (EPCG) लाइसेंस कंपनियों को ड्यूटी-फ्री (Duty-free) कैपिटल गुड्स (Capital Goods) आयात करने की सुविधा देता है, बशर्ते वे तय एक्सपोर्ट टारगेट (Export Target) पूरे करें। यदि इन शर्तों का पालन नहीं होता है, तो कंपनियों पर पेनल्टी (Penalty) लग सकती है, जिसमें माफ की गई कस्टम ड्यूटी (Customs Duty) और ब्याज की वसूली भी शामिल हो सकती है।
कंपनी का पक्ष और आगे की राह
SM Auto Stamping ने बताया है कि इस नोटिस का कंपनी के फाइनेंसियल या ऑपरेशनल कामकाज पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी अपनी तरफ से मजबूत जवाब तैयार कर रही है। 6 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई का नतीजा कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। अगर DGFT कंपनी के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो लाइसेंस से जुड़ी देनदारियां बढ़ सकती हैं।
इंडस्ट्री के अन्य खिलाड़ी
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में Lumax Industries Ltd और Dhoot Transmission Pvt Ltd जैसी कंपनियां भी प्रमुख हैं। हालांकि, हाल के रिकॉर्ड्स के अनुसार, इन कंपनियों के खिलाफ इस तरह के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट लाइसेंस से जुड़े DGFT के शो कॉज नोटिस का कोई मामला सामने नहीं आया है।