Q4 FY26 के नतीजे और आगे की रणनीति
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में, ऑपरेशन से रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि से 31.0% बढ़कर ₹4,489.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल Q4 FY25 में ₹3,427.9 करोड़ था। ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 27.9% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹105.5 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹82.5 करोड़ था। एबिटडा (EBITDA) भी 25.6% बढ़कर ₹207.0 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹164.8 करोड़ था।
'रिबाउंड' से 'इंफ्लेक्शन ईयर' की ओर
SIS Ltd का मैनेजमेंट FY26 को एक 'रिबाउंड' ईयर बता रहा है और FY27 को 'इंफ्लेक्शन ईयर' (inflection year) के रूप में देख रहा है। इसका मुख्य कारण इंडस्ट्री में होने वाले बड़े बदलाव हैं, जैसे कि नए लेबर कोड्स (Labour Codes) का लागू होना। इन बदलावों से संगठित खिलाड़ियों जैसे SIS Ltd के लिए ग्रोथ के नए मौके पैदा होने की उम्मीद है। फैसिलिटी मैनेजमेंट (Facility Management) सेगमेंट में मार्जिन का सुधरना भी इस ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है।
मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने (deleveraging) पर भी ध्यान केंद्रित किया है। नेट डेट टू एबिटडा (Net Debt to EBITDA) रेशियो 1.25x से घटकर 0.99x हो गया है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत देता है।
बिज़नेस का नज़रिया
SIS Ltd भारत और ऑस्ट्रेलिया में इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस की एक लीडिंग प्रोवाइडर है। कंपनी ने नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलियाई सिक्योरिटी फर्म गोल्डस्टार (Goldstar) के अधिग्रहण से अपनी इंटरनेशनल मौजूदगी को और मजबूत किया है।
कॉम्पिटिशन में कौन?
SIS Ltd के Q4 FY26 के नतीजे, जिसमें ₹4,489.3 करोड़ का रेवेन्यू और ₹105.5 करोड़ का PAT शामिल है, यह कंपनी के बड़े पैमाने को दर्शाता है। कॉम्पिटिटर क्वेस कॉर्प (Quess Corp) ने इसी तिमाही में ₹4,432 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹313 करोड़ का एबिटडा रिपोर्ट किया है, जो बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाता है।
मुख्य मेट्रिक्स और आगे की राह
Q4 FY26 के लिए आरओसीई (ROCE) 16.5% और आरओई (RoE) 15.8% रहा। आने वाले समय में, कंपनी के सिंगापुर स्थित हेंडरसन (Henderson) के टर्नअराउंड, भारत के लेबर कोड्स का सेक्टर पर असर, कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी (जैसे डिविडेंड और बायबैक), और इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर नजरें रहेंगी। कंपनी ने FY26 में लगभग ₹250 करोड़ शेयरहोल्डर्स को लौटाए हैं।
