SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) से मिली एक विशेष छूट के चलते, Gallantt Ispat लिमिटेड में बड़ा ऑफ-मार्केट ट्रांसफर हुआ है। प्रमोटर Madhu Agrawal ने कंपनी की 8.361% हिस्सेदारी, जो कि 2,01,74,917 इक्विटी शेयर के बराबर है, 31 मार्च 2026 को Gallantt Trust को सौंप दी है।
इस ट्रांसफर के बाद, Madhu Agrawal की कंपनी में सीधी हिस्सेदारी 8.444% से घटकर महज़ 0.083% रह गई है।
यह ट्रांज़ैक्शन 20 मार्च 2026 को जारी हुए SEBI के एक एग्जम्प्शन ऑर्डर (exemption order) के तहत किया गया। इस रेगुलेटरी मंजूरी ने यह सुनिश्चित किया कि बड़े हिस्सेदारी बदलावों पर लागू होने वाले टेकओवर नियमों को ट्रिगर किए बिना यह डील हो सके।
जानकारों का कहना है कि यह शेयर ट्रांसफर मुख्य रूप से प्रमोटर ग्रुप के भीतर एक आंतरिक पुनर्गठन (internal reorganisation) का हिस्सा है। SEBI की छूट इस बात का संकेत है कि Gallantt Ispat पर प्रमोटर ग्रुप का कंट्रोल कम नहीं हुआ है। असल में, इस कदम का मकसद ओनरशिप स्ट्रक्चर को थोड़ा व्यवस्थित करना हो सकता है, जो अक्सर एस्टेट प्लानिंग या मैनेजमेंट को आसान बनाने जैसे कारणों से किया जाता है।
Gallantt Ispat लिमिटेड भारत में स्टील, पावर और आटा (flour) के मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार में सक्रिय है।
निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर रहेंगी कि SEBI की एग्जम्प्शन से जुड़ी शर्तों का पालन कैसे किया जाता है। भविष्य में, पब्लिक होल्डिंग डिस्क्लोजर में Madhu Agrawal के व्यक्तिगत नाम के बजाय Gallantt Trust की हिस्सेदारी दिखाई देगी।
Gallantt Ispat स्टील सेक्टर में काम करती है, जहां JSW Steel Ltd और Jindal Steel & Power Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला है। हालांकि प्रमोटर होल्डिंग में ऐसे बदलाव सामान्य हैं, लेकिन SEBI की छूट के तहत किसी ट्रस्ट में हिस्सेदारी का ट्रांसफर Gallantt Ispat के लिए एक अहम घटना है।
31 मार्च 2026 तक, कंपनी की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल 24,12,80,945 इक्विटी शेयर थी।
आगे चलकर, Gallantt Trust द्वारा अपनी हिस्सेदारी को लेकर लिए जाने वाले फैसले और SEBI की एग्जम्प्शन की शर्तों का पालन अहम रहेगा। साथ ही, कंपनी का कोर बिजनेस प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा।