रिकॉर्ड आउटपुट पर दमदार कमाई, पर चिंता की लकीरें?
Steel Authority of India Limited (SAIL) ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹1.02 लाख करोड़ के रेवेन्यू पर ₹2,148 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। यह प्रदर्शन कंपनी के अब तक के सबसे मजबूत प्रोडक्शन और सेल्स वॉल्यूम से प्रेरित रहा, जिसमें क्रूड स्टील आउटपुट 1.4% बढ़ा और सेल्स वॉल्यूम में 11.4% का इजाफा हुआ। कंसोलिडेटेड बेस पर नेट प्रॉफिट ₹2,371.80 करोड़ रहा।
इसके साथ ही, SAIL ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान ₹8,148 करोड़ के डेट में भी बड़ी कमी दर्ज की है। शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, बोर्ड ने ₹2.35 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मंजूरी के अधीन है।
सामने आईं अनुपालन (Compliance) की खामियां
हालांकि, कंपनी की फाइलिंग में कुछ गंभीर चिंताएं भी सामने आई हैं। कंपनी SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन के तहत अपने बोर्ड कंपोजीशन (Board Composition) के संबंध में गैर-अनुपालन (Non-compliance) का सामना कर रही है।
ऑडिटर (Auditors) ने कुछ खास अकाउंटिंग ट्रीटमेंट्स और प्रोविजन्स को लेकर सवाल उठाए हैं। इनमें ₹111.43 करोड़ की विवादित एंट्री टैक्स देनदारी के लिए प्रोविजन्स और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) को दिए गए एडवांसेज (₹448.03 करोड़) की रिकवरी की संभावना पर चिंताएं शामिल हैं। इसके अलावा, DVC रिफंड (₹344.75 करोड़) के अकाउंटिंग ट्रीटमेंट को Ind AS 109 की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं माना गया है।
SAIL, भारत के स्टील सेक्टर का एक प्रमुख खिलाड़ी है और मॉडर्नाइजेशन व कैपेसिटी एक्सपेंशन पर फोकस कर रहा है। कंपनी से वैल्यू-एडेड और स्पेशल स्टील प्रोडक्ट्स के शेयर को बढ़ाने की उम्मीद है। यह Tata Steel और JSW Steel जैसे बड़े प्राइवेट सेक्टर स्टील मैन्युफैक्चरर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।