नेतृत्व परिवर्तन और जांच का साया
सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनी SAIL में यह बड़ा नेतृत्व बदलाव है। अमरेन्द्र प्रकाश, जिनका कार्यकाल 31 मई 2023 को शुरू हुआ था, अब अपना पद छोड़ रहे हैं। उनके कार्यकाल पर कथित अनियमितताओं और जांचों की छाया रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब ₹800 करोड़ के एक बड़े घोटाले और स्टील की कथित हेराफेरी के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच लोकायुक्त (Lokpal) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के चलते, 22 जनवरी 2026 को उनके इस्तीफे को मंजूरी दी गई।
अंतरिम CMD की नियुक्ति
इस स्थिति को संभालते हुए, SAIL के निदेशक (Personnel) कृष्ण कुमार सिंह अगले 3 महीनों के लिए अंतरिम CMD का पद संभालेंगे। वे IIT, BHU से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और SAIL में 35 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं। इस बीच, कंपनी स्थायी CMD की तलाश कर रही है। पहले पब्लिक एंटरप्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड (PESB) ने डॉ. अशोक कुमार पांडा का नाम सुझाया था, लेकिन नियुक्ति समिति (ACC) की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
निवेशकों के लिए चिंताएं
शेयरधारकों और हितधारकों की नजरें इस उच्च-स्तरीय नेतृत्व परिवर्तन पर टिकी हैं। फिलहाल, अंतरिम नेतृत्व में परिचालन (operations) को स्थिर रखना मुख्य प्राथमिकता होगी। ₹800 करोड़ के संभावित नुकसान वाले वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांचें SAIL के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि इनके नतीजे कंपनी की प्रतिष्ठा और परिचालन पर असर डाल सकते हैं।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक और हितधारक कई प्रमुख बातों पर ध्यान देंगे:
- SAIL के स्थायी चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) की नियुक्ति।
- वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांचों की प्रगति और परिणाम।
- नए स्थायी नेतृत्व के तहत किसी भी नई रणनीतिक दिशा या नीतिगत बदलाव।
- इस संक्रमण काल और चल रही जांचों के बीच SAIL की परिचालन दक्षता और बाजार की स्थिति बनाए रखने की क्षमता।
