यह रेगुलेटरी कदम कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए चौथी तिमाही और पूरे साल के फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करने से ठीक पहले उठाया गया है। SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, इस अवधि के दौरान कंपनी के डायरेक्टर्स और प्रमुख कर्मचारियों को शेयर खरीदने या बेचने की अनुमति नहीं होती, ताकि किसी भी प्रकार की इनसाइडर ट्रेडिंग को रोका जा सके। यह विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद फिर से खोली जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कंपनी कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी अक्टूबर 2023 में इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन से बाहर निकली थी। इससे पहले, कंपनी को वैधानिक फाइलिंग और अनुपालन में चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
वित्तीय मोर्चे पर, Rushabh Precision Bearings ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए शून्य रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, FY26 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में कंपनी ने ₹5.29 लाख का नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹7.96 लाख के लॉस से बेहतर प्रदर्शन है।
निवेशक अब आगामी ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर कड़ी नजर रखेंगे, खासकर कंपनी के हालिया वित्तीय इतिहास को देखते हुए। बाजार को कंपनी के मैनेजमेंट से प्रदर्शन में सुधार और भविष्य की योजनाओं पर कमेंट्री की उम्मीद है।
