बायबैक का पूरा प्लान
Rolex Rings अपने ₹180 करोड़ के बायबैक प्रोग्राम के तहत 1 करोड़ इक्विटी शेयरों को वापस खरीदेगी। यह संख्या कंपनी की कुल पेड-अप कैपिटल का लगभग 3.67% है। कंपनी इस प्रक्रिया के लिए 'टेंडर ऑफर' (Tender Offer) रूट का इस्तेमाल करेगी। हालांकि, इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी एक विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) के जरिए आवश्यक होगी।
बायबैक से क्या होगा?
बाजार के जानकारों का मानना है कि शेयर बायबैक कंपनियों के लिए एक स्ट्रैटेजिक कदम हो सकता है। जब कंपनी अपने खुद के शेयर वापस खरीदती है, तो बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो जाती है। इसका सीधा असर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर पड़ता है, जो बचे हुए शेयरहोल्डर्स के लिए बढ़ सकता है। साथ ही, यह मैनेजमेंट का कंपनी के वैल्यूएशन पर भरोसा जताने का तरीका भी हो सकता है, जिससे निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
हालिया वित्तीय स्थिति
कंपनी हाल ही में 31 मार्च 2026 तक ₹101 करोड़ का अपना 'राइट ऑफ रीकॉम्पेंस' (RoR) ऑब्लिगेशन चुका चुकी है। यह 2013 के एक पुराने डेट रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा मामला था, जिसके निपटारे से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है।
Q3 FY26 (दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही) में Rolex Rings ने शानदार नतीजे पेश किए थे। कंपनी का नेट प्रॉफिट 136% बढ़कर ₹48 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹275 करोड़ हो गया। मार्च 2026 तक प्रमोटर होल्डिंग 52.24% थी, जबकि म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 28.76% थी। पिछली तिमाही में प्रमोटर्स की होल्डिंग में थोड़ी कमी देखी गई थी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अगर बायबैक पूरी तरह से अमल में आता है, तो ईपीएस (EPS) में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा सकती है। कंपनी की बैलेंस शीट साफ होने और RoR देनदारी खत्म होने से मैनेजमेंट अब ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर पाएगा।
जोखिम और विचार
इस बायबैक प्रस्ताव को शेयरहोल्डर्स से विशेष प्रस्ताव के जरिए मंजूरी मिलनी बाकी है, और यह अप्रूवल पक्का नहीं है। इसके अलावा, बाजार की स्थिति और शेयरहोल्डर्स की भागीदारी के आधार पर खरीदे जाने वाले शेयरों की अंतिम संख्या और कुल खर्च में अंतर आ सकता है।
सेक्टर की दूसरी कंपनियां
Rolex Rings ऑटो एंसिलरी और इंडस्ट्रियल कंपोनेंट्स सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर की अन्य प्रमुख कंपनियों में Samvardhana Motherson International, Bosch, Schaeffler India और Bharat Forge शामिल हैं। फिलहाल, इन कंपनियों से Rolex Rings के बायबैक के समान कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई है।
