यह जर्मन एनर्जी फर्म से Lumel SA को मिला दूसरा ऑर्डर है, जो कंपनी की टेक्नोलॉजी और सप्लाई क्षमताओं पर भरोसा दिखाता है। अप्रैल 2026 में घोषित इस डील के अनुसार, Lumel SA अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज प्रदान करेगी जो इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट 2027 के अंत तक मान्य रहेगा और भविष्य में इसके विस्तार की भी संभावना है।
Lumel SA, जिसे Rishabh Instruments ने एक्वायर किया है, 1953 से इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन डिवाइसेज के निर्माण में एक स्थापित नाम है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इसी दिशा में, 2024 के अंत में Lumel SA ने करंट ट्रांसफॉर्मर और एनालॉग मीटर के उत्पादन स्पेस को तीन गुना तक बढ़ाया और एडवांस्ड ऑटोमेटेड टेस्टिंग इक्विपमेंट भी स्थापित किए।
Rishabh Instruments अपनी विभिन्न सब्सिडियरीज के लिए यूरोप को एक प्रमुख भौगोलिक विकास क्षेत्र के रूप में देख रहा है। इस ऑर्डर से Lumel SA और Rishabh Instruments दोनों के यूरोप से होने वाले रेवेन्यू में वृद्धि की उम्मीद है, और यह इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन बाजार में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगा।
हालांकि, हाल ही में जनवरी 2026 में Rishabh Instruments को BSE और NSE से ऑडिट कमिटी कोरम के अनुपालन में कमी (जो 2025 में हुई थी) को लेकर चेतावनी पत्र प्राप्त हुए थे। कंपनी ने बताया कि यह एक आपातकालीन स्थिति के कारण हुआ था और सुधारात्मक कार्रवाई की गई है, जिसका कंपनी की वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा।
वैश्विक स्तर पर ऑटोमेशन सॉल्यूशंस प्रदान करने वाली बड़ी भारतीय कंपनियों जैसे Siemens India, ABB India, और Schneider Electric India के मुकाबले, Lumel SA का यह ऑर्डर Rishabh Instruments की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में वृद्धि का एक प्रत्यक्ष लाभ यह है कि स्टैंडर्ड CTs की डिलीवरी का समय 5 हफ्तों से घटाकर केवल 1-2 हफ्ते कर दिया गया है, जो ग्राहकों को तेजी से सेवा देने में सहायक है।
निवेशक अब इस जर्मन क्लाइंट के साथ भविष्य में संभावित ऑर्डर्स और कॉन्ट्रैक्ट विस्तार पर, इस डील के Lumel SA और Rishabh Instruments के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रभाव पर, और कंपनी की यूरोपियन मार्केट में पैठ बनाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।