Rishabh Instruments का FY26 प्रदर्शन: रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन प्रॉफिट घटा!
Rishabh Instruments Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹795.84 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹20.97 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड का ऐलान और ऑडिटर की रिपोर्ट
कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। यह मंजूरी आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी।
इसके अलावा, कंपनी ने आगामी फाइनेंशियल ईयर के लिए नए ऑडिटर भी नियुक्त किए हैं। Rajendra P. Shah & Co. को इंटरनल ऑडिटर और Hareesh Shetty को कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर FY 2026-27 के लिए चुना गया है। स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने वित्तीय स्टेटमेंट को हरी झंडी देते हुए एक अनमॉडिफाइड ऑडिट रिपोर्ट दी है।
नंबर्स का विश्लेषण: क्या हैं मायने?
FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹795.84 करोड़ रहा, जो FY23 के ₹557.52 करोड़ की तुलना में अच्छी ग्रोथ दिखाता है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि कंसोलिडेटेड PAT ₹48.66 करोड़ (FY23) से घटकर ₹20.97 करोड़ (FY26) रह गया है। यह दिखाता है कि बिक्री बढ़ने के बावजूद, प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव रहा है या कंसोलिडेटेड खर्चे बढ़ गए हैं।
स्टैंडअलोन (Standalone) बेसिस पर, कंपनी का रेवेन्यू ₹281.01 करोड़ और PAT ₹41.67 करोड़ रहा। यह कंसोलिडेटेड फिगर से ज्यादा है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और आगे की राह
Rishabh Instruments इलेक्ट्रिक टेस्टिंग और मेजरिंग इंस्ट्रूमेंट्स बनाने वाली कंपनी है। इसने सितंबर 2023 में IPO के जरिए फंड जुटाए थे ताकि अपने विस्तार योजनाओं को पूरा कर सके।
निवेशक अब AGM में ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मैनेजमेंट को यह भी समझाना होगा कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कंसोलिडेटेड प्रॉफिट क्यों घटा।