श्री Kanabar ने यह फैसला निजी कारणों (personal reasons) का हवाला देते हुए लिया है। सिर्फ निदेशक पद से ही नहीं, बल्कि वे कंपनी की IPO Committee, Audit Committee, Nomination and Remuneration Committee, और Stakeholders Relationship Committee जैसे महत्वपूर्ण बोर्ड कमेटियों से भी हट जाएंगे।
यह इस्तीफा Riddhi Display Equipments के बोर्ड में हालिया बदलावों के बीच आया है। आपको बता दें कि फरवरी 2026 में ही एक अन्य स्वतंत्र निदेशक, Mrs. Grishma Shewale ने पद छोड़ा था, जबकि Dr. Alpeshkumar Gajera को नए स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया था।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की दुनिया में स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका बेहद अहम होती है। वे बोर्ड को निष्पक्ष सलाह और निगरानी प्रदान करते हैं। ऐसे में, महत्वपूर्ण कमेटियों से किसी निदेशक का हटना, तब तक सवाल खड़े कर सकता है जब तक कि नए सदस्यों की नियुक्ति न हो जाए।
Riddhi Display Equipments, जो डिस्प्ले काउंटर, किचन और रेफ्रिजरेशन उपकरण बनाती है, नवंबर 2024 में एक प्राइवेट कंपनी से पब्लिक हुई थी। कंपनी का ₹246.84 मिलियन का IPO बाद में वापस ले लिया गया था। जनवरी 2026 में, कंपनी को BSE को बोर्ड मीटिंग के नतीजों को जमा करने में देरी के लिए स्पष्टीकरण देना पड़ा था, जिसका कारण तकनीकी समस्या बताई गई थी।
हालिया नतीजों के अनुसार, H1 फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,448.17 लाख रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹319.31 लाख दर्ज किया गया।
अब शेयरधारकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी कितनी जल्दी एक नया स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करती है ताकि बोर्ड का संतुलन बना रहे और रेगुलेटरी ज़रूरतों (regulatory requirements) को पूरा किया जा सके। कई स्वतंत्र निदेशकों के एक साथ इस्तीफा देने से कंपनी की स्थिरता पर सवाल उठ सकते हैं।
इस सेक्टर में Bajaj Electricals, Tata Elxsi, और Advantech India जैसी कंपनियां भी बोर्ड संरचना और गवर्नेंस को लेकर जांच के दायरे में रहती हैं।
