Richa Industries Share Price: दिवालिया होने के कगार पर भी कंपनी ने कमाया मुनाफा! ₹96 Cr के बिजनेस बिक्री के बाद मिले दमदार नतीजे

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Richa Industries Share Price: दिवालिया होने के कगार पर भी कंपनी ने कमाया मुनाफा! ₹96 Cr के बिजनेस बिक्री के बाद मिले दमदार नतीजे
Overview

Richa Industries Ltd ने 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए **₹2.08 करोड़** का स्टैंडअलोन मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में हुए नुकसान से यह एक बड़ी वापसी है। कंपनी का रेवेन्यू **59.51%** बढ़कर **₹15.23 करोड़** हो गया है। यह नतीजे ऐसे समय आए हैं जब कंपनी **₹96 करोड़** में अपना बिजनेस बेच चुकी है और आधिकारिक लिक्विडेशन (Liquidation) प्रक्रिया में है।

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नतीजों का मायने और लिक्विडेशन की स्थिति

30 सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में Richa Industries Ltd ने ₹2.08 करोड़ का स्टैंडअलोन मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹1.99 करोड़ का घाटा हुआ था। वहीं, कंपनी का कुल स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 59.51% बढ़कर ₹15.23 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि ₹9.55 करोड़ था। कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹0.89 पर सकारात्मक हो गया, जो पिछले साल -₹0.85 था।

ये नतीजे एक बड़े डेवलपमेंट के बीच आए हैं, जहां कंपनी का बिजनेस अक्टूबर 2025 में आधिकारिक इनसॉल्वेंसी (Insolvency) प्रक्रिया के तहत ₹96 करोड़ में एक गोइंग कंसर्न (Going Concern) के तौर पर बेचा गया।

निवेशकों के लिए क्या है?

हालांकि तिमाही नतीजों में मुनाफे और रेवेन्यू ग्रोथ के सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं, लेकिन कंपनी फिलहाल ऑफिशियल लिक्विडेशन (Official Liquidation) में है। इसका मतलब है कि कंपनी की संपत्तियों को कर्जदारों का भुगतान करने के लिए बेचा जा रहा है। आम तौर पर, शेयरहोल्डर (Shareholders) सबसे आखिर में होते हैं, इसलिए हालिया बिजनेस की बिक्री के बावजूद किसी भी रिकवरी (Recovery) की उम्मीद कम है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और लिक्विडेशन

Richa Industries Ltd को वित्तीय संकटों के चलते दिसंबर 2018 में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में प्रवेश करना पड़ा था। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई ने 11 जून, 2025 को कंपनी के लिक्विडेशन का आदेश दिया था। अक्टूबर 2025 में, लिक्विडेटर ने सभी हितधारकों (Stakeholders) के मूल्य को अधिकतम करने के लिए ₹96 करोड़ में कंपनी का बिजनेस बेचा।

आगे क्या होगा?

  • बिजनेस की बिक्री से प्राप्त ₹96 करोड़ की राशि का भुगतान क्रेडिटर्स (Creditors) को किया जाएगा।
  • सिक्योर्ड (Secured) और अनसिक्योर्ड (Unsecured) क्रेडिटर्स को प्राथमिकता मिलने के कारण इक्विटी शेयरहोल्डर्स (Equity Shareholders) को किसी भी भुगतान की संभावना बहुत कम है।
  • रिपोर्ट किए गए तिमाही नतीजे लिक्विडेशन के अंतिम चरणों से पहले या उसके दौरान के संचालन को दर्शाते हैं।
  • भविष्य के घटनाक्रम लिक्विडेशन प्रक्रिया और क्रेडिटर दावों पर निर्भर करेंगे।

कंपनी के सामने मुख्य जोखिम

  • कंपनी ऑफिशियल लिक्विडेशन में है, जिसका अर्थ है कि यह इंसॉल्वेंट (Insolvent) है और इसकी संपत्तियां बेची जा रही हैं।
  • ₹326.29 करोड़ की निगेटिव इक्विटी (Negative Equity) दर्शाती है कि देनदारियां (Liabilities) संपत्तियों से काफी ज्यादा हैं।
  • ₹369.21 करोड़ के कुल उधार (Total Borrowings) पर लिक्विडेशन प्रोसीड्स से भुगतान का भारी दबाव है।

पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)

लिक्विडेशन से गुजर रही सीधी पीयर कंपनियां दुर्लभ हैं। Sarda Energy & Minerals Ltd और Gayatri Projects Ltd जैसी कंपनियां संबंधित सेक्टर्स में काम करती हैं, लेकिन Richa Industries की स्थिति इसकी इंसॉल्वेंसी और NCLT के आदेशों के तहत बिक्री के कारण अनोखी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.