मुनाफे से ज़्यादा डिविडेंड का क्या है राज?
RIIL ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹0.69 करोड़ की कुल आय (Total Income) पर ₹0.12 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated PAT) दर्ज किया है।
बोर्ड की सिफारिश के अनुसार, शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर ₹3.50 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया जाएगा। इस हिसाब से कंपनी लगभग ₹5.29 करोड़ का भुगतान करेगी, जो कि FY26 में कमाए गए ₹0.12 करोड़ के मुनाफे से कहीं ज़्यादा है। ऐसे में, यह माना जा रहा है कि कंपनी अपने रिजर्व या अन्य फंड का इस्तेमाल करके शेयरधारकों को रिवॉर्ड दे रही है।
स्टैंडअलोन नतीजों पर गौर करें तो, RIIL ने FY26 में ₹0.69 करोड़ की आय पर ₹0.10 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है।
पिछली परफॉरमेंस पर एक नज़र
कंपनी के पिछले सालों के नतीजों को देखें तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कम ही रहा है। FY23 में यह ₹0.19 करोड़ और FY22 में ₹0.10 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड टोटल इनकम FY23 में ₹0.66 करोड़ और FY22 में ₹0.64 करोड़ के आसपास रही है।
प्रस्तावित ₹3.50 प्रति शेयर का डिविडेंड, FY23 में दिए गए ₹2.00 और FY22 में दिए गए ₹1.50 प्रति शेयर के डिविडेंड से काफी ज़्यादा है।
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने नतीजों पर अनमॉडिफाइड ऑडिट रिपोर्ट दी है, जिसका मतलब है कि नतीजों में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई है। RIIL का संचालन Reliance Group की इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पहलों से जुड़ा रहा है।
अब निवेशकों की निगाहें एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर होंगी, जहाँ इस डिविडेंड को मंजूरी मिलनी है। साथ ही, निवेशक कंपनी के भविष्य की योजनाओं और ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर मैनेजमेंट की कमेंट्री का भी इंतज़ार करेंगे।
