Reliance Infra की ₹670 करोड़ की संपत्ति पर क्यों कसा शिकंजा?
Reliance Infrastructure Limited ने 21 अप्रैल, 2024 को बाजार को दी जानकारी में बताया कि एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) ने 20 अप्रैल, 2024 को एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी की ₹670.48 करोड़ की एसेट्स को अटैच किया गया है।
कंपनी का कहना है कि इस अटैचमेंट का उसके मौजूदा बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। Reliance Infrastructure इस ऑर्डर के खिलाफ कानूनी तौर पर अपील करने की तैयारी कर रही है। यह मामला कथित तौर पर 2017-2019 की अवधि के दौरान हुए उल्लंघनों से जुड़ा है।
रेगुलेटरी शिकंजा और कंपनी का जवाब
PMLA के तहत ऐसे अटैचमेंट ऑर्डर रेगुलेटरी स्क्रूटनी (regulatory scrutiny) का संकेत देते हैं। Reliance Infrastructure का यह कहना कि उसके बिजनेस एक्टिविटीज प्रभावित नहीं होंगी, यह राहत की बात है। हालांकि, इस तरह के लीगल एक्शन कभी-कभी कंपनी की रेपुटेशन पर असर डाल सकते हैं और भविष्य में फाइनेंसिंग को भी प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी का अपील करने का फैसला दिखाता है कि वह अथॉरिटी के फैसले को कानूनी माध्यमों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछला बैकग्राउंड
Reliance Infrastructure और इसके ग्रुप की कंपनियां पहले भी PMLA के तहत एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के एक्शन का सामना कर चुकी हैं। इन जांचों में अक्सर फंड डाइवर्जन (fund diversion) और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल होते हैं, जो अक्सर 2017 और 2019 के बीच Yes Bank से लिए गए लोन से जुड़े पाए गए हैं।
नवंबर 2024 में, ED ने अनिल अंबानी से जुड़ी ₹3,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच की थी, जिसमें Reliance Infrastructure से जुड़ी प्रॉपर्टी भी शामिल थीं। तब भी कंपनी ने कहा था कि इससे उसके बिजनेस ऑपरेशन्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे पहले, सितंबर 2024 में, ED ने FEMA के तहत विदेश में अवैध प्रेषण (illegal remittances abroad) से संबंधित सर्च ऑपरेशन चलाए थे। दिसंबर 2024 में ₹1,120 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति अटैच की गई थी, जिससे ग्रुप की कुल अटैच की गई संपत्ति ₹10,117 करोड़ हो गई थी।
आगे का रास्ता
Reliance Infrastructure अब औपचारिक अपील प्रक्रिया शुरू करेगी। शेयरधारक इस कानूनी चुनौती की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी का मैनेजमेंट इस रेगुलेटरी मामले को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, साथ ही सामान्य बिजनेस फंक्शन्स को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
संभावित जोखिम
मुख्य जोखिम एसेट अटैचमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील के नतीजे से जुड़ा है। लंबी कानूनी कार्यवाही अनिश्चितता पैदा कर सकती है। यदि फैसला कंपनी के पक्ष में नहीं आता है, तो यह और जटिलताएं खड़ी कर सकता है, हालांकि कंपनी फिलहाल किसी ऑपरेशनल प्रभाव से इनकार कर रही है।
इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ी
Reliance Infrastructure इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटीज सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Adani Energy Solutions, Torrent Power और Tata Power Company शामिल हैं। Adani Energy Solutions का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,51,265.51 करोड़ है, और Torrent Power का वैल्यूएशन ₹78,876.02 करोड़ है। ये आंकड़े इस इंडस्ट्री के बड़े प्लेयर्स के पैमाने को दर्शाते हैं।
