रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई बम्पर तेजी
RIL ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने हर मोर्चे पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का एनुअल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,175,919 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर से 9.8% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) 17.8% की रफ्तार से बढ़कर ₹95,754 करोड़ दर्ज किया गया।
चौथी तिमाही के नतीजे भी दमदार
FY26 की चौथी तिमाही (4Q FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹325,290 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 12.9% ज्यादा है। हालांकि, EBITDA में मामूली 0.3% की गिरावट आई और यह ₹48,588 करोड़ पर रहा।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड
Company has announced a dividend of ₹6 per share, reflecting the company's strong financial position.
ग्रोथ के पीछे ये रहे मुख्य वजहें
RIL की सफलता का श्रेय उसके विविध बिजनेस मॉडल को जाता है, जिसमें एनर्जी, रिटेल और डिजिटल सर्विसेज शामिल हैं। कंपनी के कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस, Jio Platforms और Reliance Retail ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है। ये दोनों ही भारत की डिजिटल और कंजप्शन इकोनॉमी का अहम हिस्सा हैं।
Oil-to-Chemicals (O2C) सेगमेंट ने भी वैश्विक बाजार के दबावों के बावजूद मजबूती दिखाई और ओवरऑल फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में योगदान दिया।
कंपनी की आगे की रणनीति
Reliance Industries एनर्जी, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकम्युनिकेशन में बड़ा नाम है। कंपनी New Energy बिजनेस में भारी निवेश कर रही है और 2035 तक नेट कार्बन जीरो हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। Jio Platforms अपने 5G नेटवर्क और डिजिटल सर्विसेज का विस्तार कर रहा है, जबकि Reliance Retail देश के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में से एक है।
Jio Platforms के IPO की तैयारी भी चल रही है, जिससे वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है। Reliance Retail भी अपने ओमनी-चैनल मौजूदगी के जरिए ग्रोथ को आगे बढ़ाएगी।
मुख्य जोखिम और प्रतिस्पर्धा
कंपनी ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों जैसे जोखिमों का सामना किया। O2C बिजनेस पर मार्जिन का दबाव भी रहा।
टेलीकॉम सेक्टर में Jio को Bharti Airtel से कड़ी टक्कर मिल रही है। वहीं, Reliance Retail की प्रतिस्पर्धा Avenue Supermarts (DMart) जैसी कंपनियों से है।
