कंप्लायंस सर्टिफिकेट: डिजिटल शेयर प्रक्रिया की पुष्टि
Refex Renewables & Infrastructure Ltd. ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपना कंप्लायंस सर्टिफिकेट BSE में फाइल कर दिया है। यह फाइलिंग कंपनी की डिजिटल शेयर होल्डिंग प्रक्रियाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कंपनी द्वारा जारी किए गए इस सर्टिफिकेट के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (डीमेटेरियलाइजेशन) के लिए किसी भी फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट को प्रोसेस नहीं किया गया है। यह कदम SEBI के नियमों का पालन सुनिश्चित करता है और कंपनी की डिजिटल शेयर सिस्टम की इंटीग्रिटी को मजबूत करता है, जिससे निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ता है। यह कंप्लायंस कंपनी के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट, GNSA Infotech Private Limited द्वारा प्रमाणित किया गया है।
बता दें कि Refex Renewables, जो पहले SunEdison Infrastructure Ltd. के नाम से जानी जाती थी, मुख्य रूप से सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में काम करती है। हालांकि, कंपनी पिछले कुछ समय से लगातार नेट लॉस (Net Loss) का सामना कर रही है और इसका रेवेन्यू भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जबकि देनदारियां बढ़ी हैं।
आंकड़ों की बात करें तो, कंपनी ने मार्च 2025 के लिए ₹67.99 करोड़ की स्टैंडअलोन नेट सेल्स (Net Sales) और ₹36.39 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है।
इसके अलावा, हाल के दिनों में कंपनी के प्रमोटर एंटिटी Refex Holding Private Limited ने 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में अपने 9.58% शेयर गिरवी रखे थे। वहीं, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने प्रमोटर और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल जैन पर लगे SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से जुड़े जुर्माने पर सशर्त रोक लगाई है, जिसका कंपनी पर सीधा वित्तीय प्रभाव नहीं बताया गया है।
यह कंप्लायंस फाइलिंग SEBI के डिजिटल शेयर नियमों के अनुपालन को रेखांकित करती है, लेकिन निवेशकों की नजर कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर भी बनी हुई है।
