Raymond का बड़ा दांव! ₹930 Cr निवेश से कंपनी खोलेगी नए पंख, जानें क्या है ग्रोथ प्लान

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AuthorNeha Patil|Published at:
Raymond का बड़ा दांव! ₹930 Cr निवेश से कंपनी खोलेगी नए पंख, जानें क्या है ग्रोथ प्लान
Overview

Raymond Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में **10%** की शानदार ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो कि **₹2,312 करोड़** तक पहुंच गया है। कंपनी ने अपने एयरोस्पेस (Aerospace) और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी (Precision Technology) डिवीजनों के विस्तार के लिए अगले पांच सालों में **₹930 करोड़** के बड़े कैपेक्स (Capex) प्लान का ऐलान किया है, जिसमें आंध्र प्रदेश में एक नई फैसिलिटी (Facility) भी शामिल है।

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रेवेन्यू में उछाल, लेकिन EBITDA पर दबाव

Raymond Ltd के लिए FY26 एक मिश्रित तस्वीर लेकर आया। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹2,312 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,000 करोड़ से अधिक था। हालांकि, इसी अवधि में कंसोलिडेटेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) ₹335 करोड़ पर सपाट रहा। इसका मतलब है कि मार्जिन पर दबाव बना रहा।

FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में भी रेवेन्यू में 2% की वृद्धि देखी गई, जो ₹613 करोड़ रहा। वहीं, इसी तिमाही का EBITDA ₹85 करोड़ दर्ज किया गया।

ग्रोथ के लिए बड़ा निवेश: ₹930 करोड़ का कैपेक्स प्लान

कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। Raymond अगले पांच सालों में ₹930 करोड़ का भारी-भरकम कैपेक्स करने जा रही है। यह निवेश मुख्य रूप से कंपनी के एयरोस्पेस और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी जैसे इंजीनियरिंग वर्टिकल्स (Engineering Verticals) के विस्तार पर केंद्रित होगा।

इस प्लान के तहत, 2027 के अंत तक आंध्र प्रदेश में एक बिल्कुल नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी चालू होने की उम्मीद है। यह कदम 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल और देश की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

इंजीनियरिंग पर रणनीतिक फोकस

यह बड़ा निवेश Raymond के इंजीनियरिंग डिवीजनों को आक्रामक रूप से बढ़ाने की कंपनी की रणनीति को दर्शाता है। रियल एस्टेट आर्म (Real Estate Arm) के हालिया डीमर्जर (Demerger) से ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स पर फोकस पैना करने में मदद मिलेगी। हालांकि, डीमर्जर के कारण FY26 के कंसोलिडेटेड आंकड़ों में नॉन-ऑपरेटिंग इनकम (Non-operating Income) के एडजस्टमेंट का असर भी दिखा है।

भविष्य की राह और चुनौतियां

शेयरधारकों को उम्मीद है कि कंपनी के हाई-ग्रोथ वाले इंजीनियरिंग सेगमेंट में क्षमता और टेक्नोलॉजी का तेजी से विकास होगा। Raymond एयरोस्पेस और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

लेकिन, EBITDA मार्जिन पर दबाव, नॉन-ऑपरेटिंग इनकम में कमी और सप्लाई चेन की दिक्कतें (जैसे इंजन की कमी) जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक महंगाई भी मैन्युफैक्चरिंग लागत और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित कर सकती है।

इंडस्ट्री में कौन हैं बड़े खिलाड़ी?

भारत के रक्षा क्षेत्र में Bharat Electronics Ltd (BEL) और Hindustan Aeronautics Ltd (HAL) जैसी कंपनियां मजबूत ऑर्डर इनफ्लो देख रही हैं। वहीं, Larsen & Toubro (L&T) भी अपने बड़े इंजीनियरिंग अनुभव के दम पर रक्षा और एयरोस्पेस में महत्वपूर्ण उपस्थिति रखती है। Raymond का कैपेक्स प्लान इन बढ़ते सेक्टर्स में ग्रोथ हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.