1,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती के लिए EIM और Drivn साथ आए
यह साझेदारी 20 अप्रैल, 2026 को घोषित की गई। Drivn इस पहल के लिए Nomura से $80 मिलियन का समर्थन हासिल करेगा। इस बड़ी डील का मकसद भारत के कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर को डीकार्बोनाइज (decarbonize) करना है।
इस सहयोग में EIM की EV मैन्युफैक्चरिंग और बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता को Drivn की फाइनेंसिंग और ऑपरेशनल लीजिंग क्षमताओं के साथ मिलाया गया है। दोनों मिलकर फ्लीट ऑपरेटर्स (fleet operators) के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक अपनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते हैं। यह कदम व्यवसायों के लिए इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रकों तक पहुंच को बेहतर बनाने और एंट्री बैरियर्स (entry barriers) को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Ravindra Energy ने अपनी एसोसिएट कंपनी EIM के माध्यम से EV मार्केट में कदम रखा है। EIM ने 1 अगस्त, 2025 से अपना कमर्शियल ऑपरेशन्स शुरू किया था। अप्रैल 2026 तक, Ravindra Energy के पास EIM में 49.5% की शेयरहोल्डिंग (shareholding) थी।
यह कदम EIM और Ravindra Energy दोनों के लिए हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में विस्तार का संकेत देता है। यह EIM की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण ऑर्डर बुक ग्रोथ (order book growth) की क्षमता रखता है और इलेक्ट्रिक ट्रक अपनाने के लिए एक व्यवहार्य मॉडल प्रदर्शित करता है।
इस कदम से EIM, Tata Motors और Ashok Leyland जैसी स्थापित EV ट्रक निर्माताओं के साथ-साथ Zypp Electric और Bounce Infinity जैसे EV लीजिंग और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में खुद को स्थापित करता है। EIM का बैटरी स्वैपिंग टेक्नोलॉजी पर जोर इसे Exponent Energy जैसी कंपनियों के संदर्भ में भी लाता है।
