RattanIndia Power के प्रमोटर RR Infralands Private Limited ने 1.02 करोड़ इक्विटी शेयर बेच दिए हैं। इस बिक्री के बाद प्रमोटर की हिस्सेदारी घटकर 24.058% रह गई है, जो पहले 24.248% थी। यह ऑन-मार्केट बिक्री 24 मार्च को हुई थी और इसकी जानकारी 27 मार्च, 2026 को दी गई।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
यह कदम ऐसे समय में आया है जब RattanIndia Power गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। महाराष्ट्र में 2,700 MW के थर्मल पावर प्लांट चलाने वाली यह कंपनी (जिसे पहले Indiabulls Power Limited के नाम से जाना जाता था) लगातार मुश्किलों में घिरी हुई है।
REC का इंसॉल्वेंसी केस और गिरवी रखे शेयर
मुख्य चिंता REC Ltd द्वारा मई 2024 में दायर की गई ₹28.72 करोड़ के बकाया कर्ज को लेकर इंसॉल्वेंसी (दिवालियापन) की अर्जी है। इसके अलावा, प्रमोटर की हिस्सेदारी का एक बड़ा हिस्सा गिरवी रखा हुआ है। मार्च 2026 तक, प्रमोटर्स की होल्डिंग का 88.65% गिरवी था, जो जुलाई 2025 के 59.01% की तुलना में काफी ज्यादा है। इन सब वजहों से निवेशक चिंतित हैं और शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹7.63 (मार्च 2026) तक गिर गया था।
कंपनी का वित्तीय हाल
नौ महीने की अवधि जो 31 दिसंबर, 2023 को समाप्त हुई, उसके लिए RattanIndia Power ने ₹2,700 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹66 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी ने ₹1,770 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस भी दिखाया।
जोखिम और भविष्य
SEBI की 2017 में ओपन ऑफर प्राइसिंग में दखलअंदाजी जैसे पुराने रेगुलेटरी मामले भी कंपनी के रिस्क प्रोफाइल को बढ़ाते हैं। RattanIndia Power का मुकाबला NTPC Ltd, Adani Power Ltd जैसी मजबूत कंपनियों से है। निवेशकों की नजरें अब प्रमोटर्स की भविष्य की होल्डिंग पर, REC Ltd की इंसॉल्वेंसी कार्यवाही के नतीजों पर, और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर रहेंगी।