मुनाफे में भारी गिरावट, कई चिंताएँ
FY25 में RattanIndia Power का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। कंपनी ने पिछले साल के ₹197.38 करोड़ के मुकाबले इस साल सिर्फ ₹52.44 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। इस भारी गिरावट का मुख्य कारण बढ़ता कर्ज़ और कई कानूनी पचड़े हैं, जो कंपनी की वित्तीय सेहत पर भारी पड़ रहे हैं।
वित्तीय सेहत पर गंभीर सवाल
कंपनी की कंसोलिडेटेड 'Other Equity' ₹732.40 करोड़ निगेटिव (नकारात्मक) हो गई है, जो कंपनी की शुद्ध संपत्ति (Net Worth) के निगेटिव होने का बड़ा संकेत है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा, ₹250 करोड़ के प्रिफरेंस शेयर्स (preference shares) का भुगतान अभी बाकी है। एक सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) के खिलाफ इंसॉल्वेंसी (दिवालियापन) की कार्यवाही चल रही है, और एक लंबित आर्बिट्रेशन अवार्ड (मध्यस्थता अवार्ड) भी कंपनी के लिए बड़े वित्तीय जोखिम पैदा कर रहा है।
कर्ज़ में बढ़ोतरी और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी ने अपने नॉन-करंट बोरिंग (गैर-चालू देनदारियों) को ₹3,262.40 करोड़ से घटाकर ₹2,728.39 करोड़ कर लिया है, लेकिन शॉर्ट-टर्म बोरिंग (अल्पकालिक देनदारियों) में भारी इजाफा हुआ है। यह ₹277.30 करोड़ से बढ़कर ₹909.03 करोड़ हो गई है, जो कंपनी के लिए तत्काल लिक्विडिटी (तरलता) का जोखिम खड़ा कर रहा है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
- FY25 में नेट प्रॉफिट में 76% से ज़्यादा की गिरावट।
- कंसोलिडेटेड 'Other Equity' ₹732.40 करोड़ निगेटिव, जो निगेटिव नेट वर्थ दर्शाता है।
- ₹250 करोड़ के प्रिफरेंस शेयर्स दिसंबर 2021 से अनरिडीम (अप्रतिदेय) हैं।
- सब्सिडियरी Poena Power Development Limited के खिलाफ इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही जारी है।
- BHEL के साथ ₹115 करोड़ का आर्बिट्रेशन अवार्ड लंबित है।
- शॉर्ट-टर्म बोरिंग में ₹631.73 करोड़ का भारी उछाल।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को REC की अपील, BHEL के साथ आर्बिट्रेशन का नतीजा, प्रिफरेंस शेयर्स के रिडेम्प्शन (भुगतान) की योजना और निगेटिव नेट वर्थ को ठीक करने के मैनेजमेंट के प्लान्स पर नज़र रखनी चाहिए।
