Ratnaveer Precision Engineering Ltd निवेशकों को खुश करने वाले नतीजे लेकर आई है। वितीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1068.74 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 19.83% ज्यादा है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बढ़कर ₹64.31 करोड़ हो गया, जो 37.50% की शानदार बढ़ोतरी है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े भी काफी दमदार रहे। इस दौरान रेवेन्यू 22.57% बढ़कर ₹203.11 करोड़ और PAT 59.01% उछलकर ₹10.71 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का प्रोडक्शन वॉल्यूम भी बढ़कर 46,668 MT हो गया, जो पिछले साल 36,129 MT था। इन बेहतर नतीजों और लगातार प्रदर्शन के चलते, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग सुधरकर IVR A- / Stable हो गई है।
यह वित्तीय मजबूती Ratnaveer के मौजूदा स्टेनलेस स्टील कारोबार में लगातार ग्रोथ को दिखाती है। लेकिन कंपनी अब एक बड़े रणनीतिक कदम की ओर बढ़ रही है - कॉपर क्लैड लैमिनेट (CCL) मार्केट में एंट्री। इस कदम का मकसद भारत में इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन (आयात प्रतिस्थापन) करना है और यह देश का पहला इंटीग्रेटेड डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर बनने की ओर बढ़ रहा है। इस नई सुविधा के नवंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है।
कंपनी ने जनवरी 2024 में एक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए लगभग ₹330 करोड़ जुटाए थे, जिनका इस्तेमाल ग्रीनफील्ड विस्तार परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है, जिसमें यह नया CCL प्लांट भी शामिल है।
निवेशक उम्मीद कर सकते हैं कि कंपनी के पुराने स्टेनलेस स्टील सेगमेंट से ग्रोथ जारी रहेगी, और साथ ही नया CCL वेंचर भी उच्च मार्जिन वाला साबित हो सकता है। कंपनी अपने ऑपरेशन्स में 80-90% ग्रीन पावर का इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दे रही है।
हालांकि, नए CCL मार्केट में कुछ जोखिम भी हैं, जैसे कि कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में रुकावट, खासकर जब भारत इन सामग्रियों के लिए 90% से अधिक आयात पर निर्भर है।
FY26 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो EBITDA मार्जिन 11.40% और PAT मार्जिन 5.96% रहा। आगे चलकर, CCL प्रोडक्शन लाइन के चालू होने की प्रगति और जुटाई गई धनराशि का विस्तार में कैसे इस्तेमाल होता है, इस पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
