उत्पादन रुका, डिफॉल्ट का खतरा: Rathi Bars के सामने गंभीर संकट
Rathi Bars लिमिटेड ने अपने बोर्ड की 10 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में यह अहम फैसला लिया है कि कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को अस्थायी रूप से रोक देगी।
यह बड़ा कदम कई गंभीर वजहों से उठाया गया है। कंपनी 15 दिसंबर, 2025 से चल रही इनकम-टैक्स रेड, GRAP (Graded Response Action Plan) के स्टेज IV के प्रतिबंधों, राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (RSPCB) द्वारा 16 जनवरी, 2026 को जारी 'कंसेंट टू ऑपरेट' में हुए बड़े बदलाव और JVVNL (जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) द्वारा बिजली की दरों में की गई लगभग 25% की बढ़ोतरी जैसे भारी दबावों का सामना कर रही है।
इन सभी मुसीबतों के चलते, कंपनी को नकदी की गंभीर तंगी (liquidity constraints) का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण अब डिफॉल्ट (default) होने की पूरी आशंका है। कंपनी जल्द ही इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित करेगी।
इस मुश्किल घड़ी से निकलने के लिए, Rathi Bars ने कंपनी को दोबारा पटरी पर लाने और रीस्ट्रक्चरिंग के लिए Ernst & Young को प्रोफेशनल एडवाइजर्स और Menon & Associates को लीगल एडवाइजर्स के तौर पर नियुक्त किया है।
इसके अलावा, कंपनी के डायरेक्टर्स का रेमुनरेशन (remuneration), हेड ऑफिस का किराया और कुछ फिक्स्ड खर्चे जैसे ज़रूरी भुगतान Bhiwadi Iron Private Limited द्वारा अंतरिम तौर पर किए जाएंगे, जिसकी भरपाई भविष्य में की जाएगी।
परिचालन पर असर और भविष्य की चिंताएँ
उत्पादन रुकने से Rathi Bars के ऑपरेशन्स और कंस्ट्रक्शन मटीरियल की सप्लाई चेन पर गहरा नकारात्मक असर पड़ेगा। डिफॉल्ट की चेतावनी कंपनी की गंभीर वित्तीय स्थिति को दर्शाती है, जिसका असर इसके लेनदारों (lenders), सप्लायर्स और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की नियुक्ति रिवाइवल की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, लेकिन कंपनी की मौजूदा वित्तीय हालत और बंद पड़े ऑपरेशन्स को देखते हुए आगे का रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
कंपनी दशकों से कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के लिए TMT स्टील बार्स का निर्माण कर रही है और इसका नॉर्दर्न इंडिया में मजबूत दबदबा रहा है। हालांकि, पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में कंपनी के रेवेन्यू, प्रॉफिट और EPS (Earnings Per Share) में गिरावट देखी गई है।
जहां एक तरफ Rathi Bars गंभीर संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्री के दूसरे बड़े खिलाड़ी APL Apollo Tubes, Jindal Steel & Power और SAIL जैसी कंपनियाँ अपने ऑपरेशन्स और ग्रोथ को सफलतापूर्वक जारी रखे हुए हैं।
कंपनी को अब जल्द से जल्द अपनी रिवाइवल स्ट्रेटेजी को अमली जामा पहनाना होगा और रेगुलेटरी व टैक्स से जुड़े मसलों को सुलझाकर उत्पादन दोबारा शुरू करने की राह ढूंढनी होगी।