Rane (Madras) Limited ने शेयरधारकों के लिए एक अहम सूचना जारी की है। कंपनी ने अपनी 22वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के साथ-साथ 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के डिविडेंड (Dividend) के लिए 29 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया है।
इस घोषणा का सीधा मतलब यह है कि 29 जुलाई 2026 की शाम तक जिन शेयरधारकों के नाम कंपनी की बुक्स में दर्ज होंगे, वही AGM में वोटिंग का अधिकार पाएंगे और उन्हें प्रस्तावित डिविडेंड भी मिलेगा। यह SEBI के नियमों के तहत एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो शेयरधारकों की पहचान सुनिश्चित करती है।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी Rane Group का हिस्सा Rane (Madras) स्टीयरिंग, सस्पेंशन सिस्टम, डाई-कास्टिंग प्रोडक्ट्स और अन्य ऑटो पार्ट्स का निर्माण करती है। कंपनी का डिविडेंड वितरण का एक मजबूत रिकॉर्ड रहा है। उदाहरण के लिए, पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY2024-25) के लिए कंपनी ने ₹8.00 प्रति शेयर का डिविडेंड अपने शेयरधारकों को दिया था।
आगे की योजनाओं पर नजर डालें तो, 6 मई 2026 को कंपनी के बोर्ड की एक अहम मीटिंग निर्धारित है। इस मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी और डिविडेंड की सिफारिशों पर भी विचार किया जा सकता है।
हालांकि, Rane (Madras) के सामने कुछ कानूनी और टैक्स संबंधी चुनौतियां भी हैं। कंपनी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से टैक्स डिमांड और पेनल्टी से जुड़े ऑर्डर मिले हैं, जिनका कंपनी विरोध कर रही है। साथ ही, GST/सेंट्रल एक्साइज के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़ी समस्याओं और कम भुगतान को लेकर भी कंपनी को टैक्स डिमांड मिली हैं, जिन्हें भी चुनौती दी जा रही है।
यह कंपनी ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री में Bosch India, Samvardhana Motherson International, Bharat Forge और Endurance Technologies जैसे अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशकों की नजरें अब 6 मई 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग के नतीजों, FY26 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स, डिविडेंड की आधिकारिक घोषणा और कंपनी द्वारा अपने टैक्स मामलों को सुलझाने की दिशा में की जा रही प्रगति पर टिकी रहेंगी।
