बिक्री में जबरदस्त उछाल, प्रॉफिट पर सब्सिडियरी का असर
Ramkrishna Forgings लिमिटेड ने Q4 FY26 में ₹1,216.78 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 28% ज्यादा है। हालांकि, सब्सिडियरी के नुकसान और प्रोविजन्स के चलते कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Profit) थोड़ा प्रभावित हुआ।
इसके बावजूद, कंपनी के EBITDA मार्जिन में तिमाही-दर-तिमाही (quarter-on-quarter) 220 बेसिस पॉइंट का सुधार आया और यह 17.1% पर पहुंच गया। इस तिमाही में कंपनी ने ₹594 करोड़ के नए ऑर्डर्स हासिल किए, जिसमें नॉन-ऑटो सेगमेंट्स का योगदान 44% रहा। यह कंपनी के डाइवर्सिफिकेशन (diversification) एफर्ट्स की सफलता को दर्शाता है।
₹4.5 करोड़ के नुकसान वाली मेक्सिको सब्सिडियरी और ₹5.9 करोड़ के सब्सिडियरी प्रॉफिट एलिमिनेशन्स का असर कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पर पड़ा।
कर्ज़ घटाने पर कंपनी का फोकस
कंपनी के मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) में ₹400-500 करोड़ तक का कर्ज़ (debt) कम करने का आक्रामक लक्ष्य रखा है। यह कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी का फोकस नॉन-ऑटो सेगमेंट्स और रेल व्हील JV जैसे नए वेंचर्स पर भी है, जो भविष्य में ग्रोथ के बड़े मौके दे सकते हैं।
भविष्य की राह और चुनौतियां
शेयरहोल्डर्स आने वाले समय में बैलेंस शीट में मजबूती की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि कंपनी अपने डेट रिडक्शन टारगेट को पूरा करने का प्रयास करेगी। इंडियन रेलवेज के साथ हुए रेल व्हील ज्वाइंट वेंचर (JV) से Q1 FY27 में प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है, जो रेलवे सेक्टर में कंपनी की भूमिका को और मजबूत करेगा। एल्युमीनियम फोर्जिंग्स और एयरोस्पेस एलॉयज (trials ongoing) जैसे सेगमेंट्स में भी कंपनी अवसरों की तलाश कर रही है।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण शिपिंग कॉस्ट (shipping cost) में 15-20% की बढ़ोतरी और लॉजिस्टिक्स में देरी एक चिंता का विषय है। गैस जैसी कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मेक्सिको सब्सिडियरी का प्रदर्शन भी कुछ ऐसी चुनौतियां हैं जिन पर कंपनी को ध्यान देना होगा।
