ऑडिटर ने क्यों छोड़ा पद?
S R Batliboi & Co. LLP ने अपना इस्तीफा 12 मई, 2026 से प्रभावी माना है। कंपनी ने बताया कि यह फैसला JV पार्टनर Titagarh Rail Systems Limited (TRSL) के साथ ऑडिटर की स्वतंत्रता को लेकर पैदा हुए मतभेद के कारण लिया गया है। खास बात यह है कि ऑडिटर ने वित्तीय वर्ष 26 (FY26) के लिए ऑडिट पूरा कर लिया है और इसमें प्रबंधन से जुड़ी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है।
सेबी के नियम और JV की जटिलता
यह इस्तीफा सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के चलते जरूरी हो गया है, जो ऑडिटर की स्वतंत्रता को बनाए रखने पर जोर देते हैं। खासकर जब कंपनी के कंसोलिडेटेड (consolidated) फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार किए जा रहे हों। एक जॉइंट वेंचर (JV) पार्टनर के तौर पर, TRSL को भी इन स्वतंत्रता मानकों को पूरा करना होता है। इसी रेगुलेटरी (regulatory) आवश्यकता के चलते RTRWL के लिए ऑडिटर बदलना पड़ा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग अपने पैरेंट कंपनियों की उम्मीदों के अनुरूप कड़े नियमों का पालन करे।
JV का बैकग्राउंड
Ramkrishna Forgings Ltd ऑटोमोटिव और रेलवे सहित विभिन्न उद्योगों के लिए फोर्ज्ड कॉम्पोनेन्ट (forged components) बनाती है। वहीं, Titagarh Rail Systems Ltd भारत में रेलवे वैगन और कोच बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर 28 अगस्त, 2023 को रेलवे व्हील बनाने के लिए RTRWL जॉइंट वेंचर का गठन किया था। S R Batliboi & Co. LLP को 30 अगस्त, 2024 को RTRWL का स्टेटुटरी ऑडिटर (statutory auditor) नियुक्त किया गया था।
आगे क्या?
अब Ramkrishna Titagarh Rail Wheels Limited को एक नया स्टेटुटरी ऑडिटर नियुक्त करना होगा। यह नियुक्ति रेगुलेटरी नियमों के तहत होनी चाहिए ताकि ऑडिट कवरेज बना रहे और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के लिए स्वतंत्रता के नियम भी कायम रहें। Ramkrishna Forgings और Titagarh Rail Systems दोनों के निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर होंगी कि नया ऑडिटर कौन चुना जाता है।
