दिवाला प्रक्रिया से बाहर आने की राह खुली
Rama Paper Mills Ltd की कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में आज एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ है। कंपनी के लेनदारों की समिति (Committee of Creditors - CoC) ने Poddar Global Private Limited की रेसोल्यूशन योजना को अपनी हरी झंडी दे दी है। ई-वोटिंग के ज़रिए हुए इस फैसले पर 99.38% शेयरधारकों की सहमति रही, जो कि एक मजबूत संकेत है। अब इस योजना को अंतिम मंजूरी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के प्रयागराज बेंच में दाखिल किया जाएगा।
यह मंजूरी क्यों है खास?
किसी भी दिवालिया हो रही कंपनी के लिए, लेनदारों की समिति द्वारा रेसोल्यूशन योजना को मंजूरी मिलना एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यह दिखाता है कि लेनदार मानते हैं कि प्रस्तावित योजना कंपनी को उबारने और पुनर्जीवित करने का एक व्यवहार्य रास्ता प्रदान करती है। अगर NCLT भी अपनी अंतिम मुहर लगा देता है, तो यह योजना सभी हितधारकों (Stakeholders) पर कानूनी रूप से बाध्यकारी हो जाएगी और Rama Paper Mills के लिए एक नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कंपनी की पिछला सफर
Rama Paper Mills जून 2024 से NCLT के तहत दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है। यह कंपनी रीसाइकल किए गए वेस्ट पेपर से न्यूजप्रिंट, डुप्लेक्स बोर्ड और राइटिंग व प्रिंटिंग पेपर बनाती है। कंपनी का सफर आसान नहीं रहा। इससे पहले अप्रैल 2025 में लेनदारों की समिति द्वारा मंजूर की गई एक रेसोल्यूशन योजना को NCLT ने जनवरी 2026 में खारिज कर दिया था, जिसके बाद नई योजनाओं के लिए फिर से प्रक्रिया शुरू हुई थी।
आगे क्या उम्मीदें?
- शेयरहोल्डर्स (Shareholders) अब NCLT के अंतिम आदेश का इंतजार करेंगे, जिससे संभवतः नई मैनेजमेंट के तहत कंपनी के पुनरुद्धार का रास्ता साफ हो सकता है।
- लेनदारों को उनकी स्वीकृत रेसोल्यूशन योजना की शर्तों के अनुसार उनके दावों का समाधान मिलेगा।
- NCLT की मंजूरी के बाद, योजना पेश करने वाली इकाई Poddar Global Private Limited कंपनी का ऑपरेशनल और फाइनेंशियल मैनेजमेंट संभालेगी।
- अगर योजना स्वीकृत होती है, तो यह सभी हितधारकों, जिनमें माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स और आपूर्तिकर्ता शामिल हैं, पर लागू होगी।
जोखिम और चुनौतियां
- NCLT इस योजना को अस्वीकार कर सकता है या इसमें बदलाव की मांग कर सकता है, जिससे और देरी हो सकती है।
- कंपनी पर दिसंबर 2025 तक ₹7108.34 लाख का संचित घाटा (Accumulated Losses) और ₹4974.56 लाख की नकारात्मक नेट वर्थ (Negative Net Worth) है, जो किसी भी रिवाइवल प्रयास के लिए बड़े जोखिम पेश करती है।
- लेन-देन ऑडिटर (Transaction Auditor) द्वारा पिछली PUFE (Preferential, Undervalued, Fraudulent, Extortionate) लेन-देन पर की गई टिप्पणियां आगे की कानूनी जांच को जन्म दे सकती हैं।
- ऑडिटर्स ने पहले भी कंपनी की संचालन क्षमता पर चिंता जताई है।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर
- दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में, Rama Paper Mills ने ₹20.51 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1.62 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया।
- दिसंबर 2025 तक, कंपनी का कुल घाटा ₹7108.34 लाख था और नेट वर्थ ₹4974.56 लाख नकारात्मक था।
