FY26 में Rajratan Global Wire का दबदबा, वॉल्यूम ने बनाया रिकॉर्ड
Rajratan Global Wire ने FY26 में बिक्री के वॉल्यूम के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने 1,33,000 टन से अधिक की बिक्री दर्ज की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है।
Q4 में मार्जिन पर स्टील का पहरा
जहां वॉल्यूम के मोर्चे पर कंपनी सफल रही, वहीं चौथी तिमाही (Q4) में कच्चे माल, यानी स्टील की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल ने मार्जिन पर गहरा दबाव डाला। जनवरी से स्टील की कीमतों में ₹10,000 प्रति टन की भारी बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, ऊर्जा की उपलब्धता और कीमतों ने भी Q4 के EBITDA मार्जिन को प्रभावित किया।
मैनेजमेंट का एक्शन और मार्जिन रिकवरी की उम्मीद
कंपनी मैनेजमेंट ने स्थिति को समझते हुए अप्रैल-मई में कीमतों में बढ़ोतरी की है। उम्मीद जताई जा रही है कि पहली तिमाही (Q1) FY27 तक मार्जिन सामान्य स्तर पर आ जाएंगे।
क्षमता विस्तार और नया वर्टिकल: विकास के नए इंजन
Rajratan Global Wire भविष्य के लिए आक्रामक विस्तार योजनाओं पर काम कर रही है। कंपनी कन्वेयर बेल्ट के लिए एक नया, विशेष स्टील कॉर्ड वर्टिकल शुरू कर रही है। यह नया सेगमेंट न केवल ऊंची मार्जिन की क्षमता रखता है, बल्कि कंपनी को किसी एक इंडस्ट्री पर निर्भरता कम करने में भी मदद करेगा।
भविष्य की योजनाएं: वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन सुधार
चेन्नई प्लांट की उत्पादन क्षमता FY27 की दूसरी तिमाही (Q2) तक दोगुनी होने की उम्मीद है। FY27 के लिए कंपनी का लक्ष्य 17-18% की वॉल्यूम ग्रोथ हासिल करना है, जो लगभग 1,55,000 टन बिक्री का आंकड़ा होगा। कंपनी का फोकस समेकित EBITDA मार्जिन को वापस 13.5% से 14% की स्थिर रेंज में लाने पर है।
प्रमुख जोखिम और प्रतिस्पर्धी
निवेशकों को इनपुट कॉस्ट में अस्थिरता, एक्सपोर्ट वॉल्यूम बढ़ने पर वर्किंग कैपिटल पर संभावित दबाव और सप्लाई चेन में संभावित रुकावटों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। Bekaert India और Usha Martin Ltd. जैसे प्रतिस्पर्धी इस बाजार में सक्रिय हैं।
