रेवेन्यू में उछाल, पर प्रॉफिट पर दबाव?
Rajratan Global Wire ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में ₹1,162 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। वहीं, पूरे साल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 20% बढ़कर ₹70 करोड़ रहा। कंपनी ने Q4 FY26 में ₹317 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया, जो 25.8% की जोरदार बढ़त दिखाता है।
स्टैंडअलोन नतीजों पर चिंता
जहां कंसोलिडेटेड नंबर शानदार हैं, वहीं कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशंस (Standalone Operations) में थोड़ी गड़बड़ दिखी। Q4 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 22.56% बढ़ा, लेकिन खर्चों में 25.79% की तेज बढ़त के चलते स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में गिरावट आई।
कर्ज़ का बोझ बढ़ाया
निवेशकों के लिए एक और चिंता का विषय कंपनी का बढ़ता कर्ज़ है। FY26 में कंपनी के कंसोलिडेटेड बॉरोइंग्स (Consolidated Borrowings) में भारी 59% का उछाल आया, जो ₹12,235 लाख से बढ़कर ₹19,457 लाख हो गया।
डिविडेंड का ऐलान
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है, जो 100% का पेआउट है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी की कॉस्ट कटिंग (Cost Cutting) की क्षमता और बढ़ते कर्ज़ को मैनेज करने की रणनीति पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। नए चेन्नई प्लांट का प्रदर्शन और वॉल्यूम-लेड ग्रोथ (Volume-led Growth) की रणनीति कितनी सफल होती है, यह भी देखना अहम होगा। इंडस्ट्री में Rajratan Global Wire के साथ Samvardhana Motherson International Ltd. और Sona BLW Precision Forgings Ltd. जैसी कंपनियां भी महत्वपूर्ण प्लेयर हैं।
