FY26 में दमदार नतीजे
Rajoo Engineers Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹43.28 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू ₹298.29 करोड़ रहा।
लीडरशिप को 5 साल का एक्सटेंशन!
इन मजबूत नतीजों के बीच, कंपनी अपने टॉप मैनेजमेंट की लीडरशिप को जारी रखने की योजना बना रही है। Rajoo Engineers अपने शेयरधारकों से चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश एन. दोशी, मैनेजिंग डायरेक्टर खुशबू सी. दोशी और जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर उत्सव के. दोशी के 5 साल के री-अपॉइंटमेंट के लिए अप्रूवल मांग रही है। यह नई नियुक्ति 1 जून 2026 से प्रभावी होगी, जो उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने के बाद होगी।
शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी
कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के लिए पोस्टल बैलेट के जरिए वोटिंग का प्रस्ताव रखा है। यह वोटिंग 30 अप्रैल से 29 मई 2026 तक चलेगी।
प्रपोज्ड रेमुनरेशन
प्रस्तावों में इन डायरेक्टर्स के लिए वार्षिक सैलरी लिमिट भी बताई गई है: राजेश एन. दोशी के लिए ₹3.60 करोड़, खुशबू सी. दोशी के लिए ₹2.40 करोड़, और उत्सव के. दोशी के लिए ₹2.16 करोड़। हालांकि, कुल मैनेजेरियल रेमुनरेशन कंपनी के नेट प्रॉफिट का 21% तक सीमित रहेगा।
स्थिरता और गवर्नेंस
कंपनी का मानना है कि यह री-अपॉइंटमेंट लीडरशिप में स्थिरता लाएगा, जो लंबी अवधि की स्ट्रैटेजी को लागू करने और ऑपरेशनल मोमेंटम बनाए रखने के लिए जरूरी है। Shareholder अप्रूवल एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्टेप है।
पिछली बातें और प्रतियोगिता
Rajoo Engineers को अतीत में BSE द्वारा कुछ SEBI (LODR) रेगुलेशन, 2015 के अनुपालन में चूक के लिए पेनल्टी का सामना करना पड़ा था। कंपनी प्लास्टिक एक्सट्रूज़न मशीनरी सेक्टर में Kabra Extrusiontechnik Ltd. और Windsor Machines Ltd. जैसी कंपनियों से मुकाबला करती है।
