साल भर बनी रही मजबूत डिमांड, पर Q4 में दिखा ग्लोबल दबाव
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, Rajoo Engineers ने ₹344.25 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹253.66 करोड़ के मुकाबले 35.72% ज्यादा है। यह सालाना बढ़ोतरी मजबूत डिमांड, अच्छी ऑर्डर बुक और कंपनी की क्षमता के बेहतर इस्तेमाल के चलते हुई। इतना ही नहीं, कंपनी के EBITDA में भी साल-दर-साल 32.11% का इजाफा हुआ और यह ₹61.17 करोड़ पर पहुंच गया।
चौथी तिमाही में मुनाफे पर गिरी गाज
लेकिन, चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे बिल्कुल उलट रहे। इस तिमाही में रेवेन्यू 11.67% घटकर ₹79.40 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹89.90 करोड़ था। सबसे बड़ा झटका मुनाफे में लगा, जहां नेट प्रॉफिट (PAT) 88.04% गिरकर सिर्फ ₹1.83 करोड़ रह गया। पिछले साल की चौथी तिमाही में यह ₹15.31 करोड़ था। कंपनी ने इस भारी गिरावट के लिए वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को जिम्मेदार ठहराया है।
आगे क्या है कंपनी की स्ट्रेटेजी?
आगे FY27 के लिए, Rajoo Engineers लागत कम करने, खरीद प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करने की स्ट्रेटेजी (Strategy) पर काम कर रही है। कंपनी नए और एडवांस्ड प्रोडक्ट्स पर भी रिसर्च (R&D) कर रही है और लैटिन अमेरिका, एशिया पैसिफिक और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में विस्तार की योजना बना रही है। हालांकि, कंपनी के लिए सबसे बड़ा खतरा वैश्विक अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट (Input Cost) में बढ़ोतरी बना हुआ है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
निवेशक कहां रखें नज़र?
Rajoo Engineers का मुकाबला Windsor Machines Ltd., Kabra Extrusiontechnik Ltd. और Battenfeld-Cincinnati India जैसी कंपनियों से है। निवेशकों की नज़र अब कंपनी की FY27 की स्ट्रेटेजी के एग्जीक्यूशन (Execution), नए प्रोडक्ट्स के विकास और नए बाजारों में विस्तार पर रहेगी।
