पूरे साल का दमदार प्रदर्शन
Rajoo Engineers Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने पूरे साल में 36.49% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की, जिससे रेवेन्यू ₹259.32 करोड़ से बढ़कर ₹353.94 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) 28.28% बढ़कर ₹48.90 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही में आई बड़ी गिरावट
पूरे साल की शानदार परफॉर्मेंस के उलट, चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे चिंताजनक रहे। स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹91.88 करोड़ से गिरकर ₹48.94 करोड़ पर आ गया, जो 46.73% की भारी गिरावट है। कंसोलिडेटेड क्वार्टरली प्रॉफिट भी ₹15.31 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹1.83 करोड़ रह गया। यह गिरावट कंपनी के मशीनरी सेक्टर में डिमांड या किसी मौसमी ट्रेंड की ओर इशारा कर सकती है।
बैलेंस शीट और डिविडेंड (Dividend)
कंपनी की बैलेंस शीट में इक्विटी (Equity) यानी नेट वर्थ (Net Worth) में बड़ा सुधार देखा गया, जो ₹345.37 करोड़ को पार कर गई। मैनेजमेंट ने ₹0.15 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है, जो कंपनी के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
बढ़ता कर्ज और भविष्य की चिंताएं
हालांकि, कंसोलिडेटेड बोरिंग्स (Borrowings) यानी कर्ज बढ़कर ₹2,415.72 लाख हो गया है। Q4 में रेवेन्यू की गिरावट और कर्ज में बढ़ोतरी, दोनों मिलकर इन्वेंट्री एडजस्टमेंट, प्रोजेक्ट में देरी या बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा कर सकते हैं, जो आने वाली तिमाही में ऑर्डर इनफ्लो और मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नज़र अब मैनेजमेंट के इस बात पर रहेगी कि Q4 में रेवेन्यू में आई गिरावट के पीछे क्या कारण थे और FY27 के लिए उनका क्या आउटलुक (Outlook) है। कंपनी के ऑर्डर बुक की स्थिति, नए ऑर्डर्स, बढ़ते कर्ज का कंपनी की लेवरेज रेश्यो (Leverage Ratio) और फाइनेंस कॉस्ट पर असर, एक्सपोर्ट मार्केट का प्रदर्शन, नए प्रोडक्ट लॉन्च और टेक्नोलॉजी में सुधार जैसी बातें अहम होंगी।
