CIRP से निकास, पर खतरे का संकेत
13 जनवरी, 2026 को NCLT की ओर से रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद Rajeswari Infrastructure Ltd आधिकारिक तौर पर CIRP से बाहर आ गई है। कंपनी के कामकाज की निगरानी अब एक नई मॉनिटरिंग कमेटी (Monitoring Committee) कर रही है, जिसके चेयरमैन पूर्व रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) होंगे। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने unaudited स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे पेश किए।
ऑडिटर की गंभीर चेतावनी
हालांकि, इन नतीजों के साथ स्वतंत्र ऑडिटर ने एक महत्वपूर्ण 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य की व्यवहार्यता (viability) को लेकर भारी अनिश्चितताओं का हवाला दिया है और कई अहम वित्तीय आंकड़ों के लिए पर्याप्त सबूत न होने की बात कही है। यह स्थिति शेयरधारकों और संभावित निवेशकों के लिए बड़ी अनिश्चितता पैदा करती है, क्योंकि यह दर्शाता है कि पेश किए गए मुनाफे पर भरोसा नहीं किया जा सकता और कंपनी के परिचालन पर ही प्रश्नचिन्ह लग गया है।
कंपनी का पिछला सफर
Rajeswari Infrastructure Ltd वित्तीय डिफॉल्ट के कारण 10 मई, 2023 को CIRP में चली गई थी। रेजोल्यूशन प्रक्रिया के बाद, NCLT ने 13 जनवरी, 2026 को एक योजना को मंजूरी देकर कंपनी को CIRP से बाहर निकलने की अनुमति दी।
प्रमुख जोखिम और चिंताएं
- ऑडिटर का डिस्क्लेमर: ऑडिटर को ओपनिंग बैलेंस, संपत्ति, देनदारियां, आय, व्यय और मैनेजमेंट के अनुमानों पर पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं, जिससे वित्तीय रिपोर्टिंग में पारदर्शिता की कमी है।
- गोइंग कंसर्न अनिश्चितता: ऑडिटर ने स्पष्ट रूप से कंपनी के भविष्य में संचालन जारी रखने की क्षमता के बारे में गंभीर अनिश्चितताओं को उजागर किया है।
- संपत्ति मूल्यांकन: टेंजिबल (tangible) और इनटेंजिबल (intangible) संपत्तियों के इंपेयरमेंट (impairment) का आकलन नहीं किया गया और इन्वेंटरी का सत्यापन भी अधूरा रहा।
- आकस्मिक देनदारियां: CIRP की ₹35.34 करोड़ की ड्यूज को आकस्मिक देनदारियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिससे अकाउंटिंग मानकों से विचलन करते हुए नेट लॉस ₹22.66 करोड़ तक कम करके दिखाया जा सकता है।
- अन्य मुद्दे: टैक्स रिकॉन्सिलिएशन में इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधानों का पालन न करना भी एक चिंता का विषय है।
वित्तीय स्थिति पर एक नजर
- कंपनी ने Q3 FY25 के लिए ₹0.03 करोड़ का unaudited नेट प्रॉफिट दर्ज किया।
- 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त नौ महीनों में, unaudited नेट प्रॉफिट ₹0.09 करोड़ रहा।
- CIRP ड्यूज ₹35.34 करोड़ हैं, जिन्हें आकस्मिक देनदारियों के तौर पर दिखाया गया है।
आगे क्या?
निवेशक और हितधारक यह देखेंगे कि मैनेजमेंट ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने और डिस्क्लेमर को स्पष्ट करने के लिए क्या कदम उठाता है। नई मॉनिटरिंग कमेटी के तहत कंपनी का प्रदर्शन और रेजोल्यूशन प्लान का कार्यान्वयन महत्वपूर्ण होगा।
