SEBI का क्या है नियम और क्यों नहीं लागू हुआ?
यह कंप्लायंस सर्टिफिकेट SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के Regulation 74(5) से जुड़ा है। यह नियम कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वे शेयर डीमटेरियलाइजेशन (dematerialisation) को मैनेज करें और किसी भी फिजिकल शेयर में वापसी (rematerialisation) की रिक्वेस्ट का जवाब दें।
Rajesh Power Services के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट, Bigshare Services Pvt. Ltd., ने बताया है कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान ऐसी कोई भी रिक्वेस्ट नहीं आई। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी के सभी शेयर पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक, डीमैट फॉर्म में रखे जाते हैं।
इस सर्टिफिकेट को जमा करने से एक्सचेंज और निवेशकों को कंपनी के शेयरहोल्डिंग और डीमैट को लेकर रेगुलेटरी जिम्मेदारियों के पालन का भरोसा मिलता है। यह कंपनी के शेयर रजिस्टर के सुचारू प्रबंधन को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए, इसका मतलब है कि शेयरहोल्डिंग की प्रक्रियाओं में कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा। कंपनी अपने सभी शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक, डीमैट फॉर्मेट में रखना जारी रखेगी।