राजेश पावर सर्विसेज के FY26 के नतीजे: क्या हैं खास?
राजेश पावर सर्विसेज ने पूरे साल के लिए दमदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (Total Income) पिछले साल की तुलना में 51.68% बढ़कर ₹1,633.41 करोड़ दर्ज की गई। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹143.20 करोड़ रहा।
अगर स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें, तो टोटल इनकम में भी 51.68% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,633.41 करोड़ पर पहुंच गई। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹137.54 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले छह महीनों में भी स्टैंडअलोन टोटल इनकम 30.47% बढ़कर ₹993.34 करोड़ हुई, और प्रॉफिट ₹79.48 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए 10% का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
चिंता का सबब: बढ़ा कर्ज और अनयूज्ड IPO फंड्स
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, कुछ चिंताजनक बातें भी हैं जिन पर निवेशकों की पैनी नजर है। कंपनी के स्टैंडअलोन करंट बोरिंग्स (Current Borrowings) में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। FY25 में जहां यह ₹2,890.41 लाख थी, वहीं FY26 में बढ़कर ₹8,158.82 लाख हो गई।
इसके अलावा, कंपनी ने 2024 के अंत में IPO के जरिए लगभग ₹160-161 करोड़ जुटाए थे। इन फंड्स का इस्तेमाल कैपिटल इक्विपमेंट, सोलर पावर प्लांट, ग्रीन हाइड्रोजन में विशेषज्ञता हासिल करने और वर्किंग कैपिटल के लिए होना था। लेकिन, मार्च 2026 तक, प्लांट और मशीनरी के लिए रखे गए IPO फंड्स में से लगभग ₹2,510.93 लाख का इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ है।
मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
अपने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज के लिए जानी जाने वाली राजेश पावर सर्विसेज के पास मार्च 2024 तक लगभग ₹2,358.17 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है। यह मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर ऑर्डर एग्जीक्यूशन (Execution) का संकेत देता है।
कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नई टेक्नोलॉजी पर भी फोकस कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ के नए रास्ते खोल सकती है। हालांकि, IPO डॉक्यूमेंट्स में सरकारी बिड्स पर निर्भरता और नई पहलों में एग्जीक्यूशन की चुनौतियों जैसे जोखिमों का भी जिक्र किया गया था।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब कंपनी की कर्ज प्रबंधन (Debt Management) रणनीति और IPO फंड्स के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी की बड़ी ऑर्डर बुक का समय पर एग्जीक्यूशन और नए वेंचर्स जैसे बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन का प्रदर्शन भी अहम रहेगा। पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में होने वाले डेवलपमेंट पर भी कंपनी का भविष्य निर्भर करेगा।
