NCLT प्लान का असर
NCLT-अहमदाबाद ने 1 अगस्त 2022 को Radha Madhav Corporation के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को मंजूरी दी थी। इस प्लान का सबसे बड़ा असर कंपनी की मौजूदा शेयर कैपिटल पर पड़ा। 29 सितंबर 2022 को 9.12 करोड़ से ज्यादा शेयरों को कैंसिल कर दिया गया, जिससे कुल बकाया शेयर कैपिटल घटकर महज 6.82 लाख रह गया।
इसके बाद, कंपनी ने रिवाइवल प्रोसेस के तहत 29 सितंबर 2022 और 26 दिसंबर 2022 को करीब 1.27 करोड़ नए शेयर अलॉट किए।
आगे क्या?
जहां प्रमोटर का यह ऐलान उनके खाते को साफ दिखाता है, वहीं कंपनी का भविष्य अब इन नए अलॉट किए गए शेयरों की लिस्टिंग पर टिका है। NSE और BSE से इस घटी हुई शेयर कैपिटल की लिस्टिंग की मंजूरी अभी आनी बाकी है।
जब तक यह लिस्टिंग पक्की नहीं हो जाती, तब तक NSDL और CDSL जैसी डिपॉजिटरी में रजिस्टर्ड शेयरहोल्डिंग पैटर्न कंपनी की असल तस्वीर नहीं दिखा पाएंगे। इन शेयरों का सक्सेसफुल लिस्टिंग होना निवेशकों का भरोसा फिर से जगाने और Radha Madhav Corporation के लिए मार्केट लिक्विडिटी (Liquidity) बहाल करने के लिए बेहद ज़रूरी माना जा रहा है। इन्वेस्टर्स अब इन शेयर्स के डीमैटीरियलाइजेशन (Dematerialization) और ट्रेडिंग को लेकर अगले अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं।
