RVNL Share Price: Q3 में दमदार प्रदर्शन, पर क्यों बंद हुई कंपनी की ट्रेडिंग विंडो?

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RVNL Share Price: Q3 में दमदार प्रदर्शन, पर क्यों बंद हुई कंपनी की ट्रेडिंग विंडो?
Overview

Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) के निवेशकों के लिए अहम खबर है। कंपनी ने अपने Q3 के नतीजे पेश कर दिए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में **4%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही, कंपनी ने **1 अप्रैल 2026** से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने का भी ऐलान किया है।

Q3 में RVNL का मुनाफा बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल

Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 4% बढ़कर ₹324.14 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 2.56% बढ़कर ₹4,684.46 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹4,567.38 करोड़ था।

क्यों बंद हुई ट्रेडिंग विंडो?

बाजार को नतीजे बताने से पहले, RVNL ने 1 अप्रैल 2026 से अपनी 'ट्रेडिंग विंडो' बंद कर दी है। यह विंडो कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों (insiders) और उनके रिश्तेदारों के लिए 31 मार्च 2026 को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर और तिमाही के नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। यह SEBI (प्रॉहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग) रेगुलेशंस, 2015 के तहत एक ज़रूरी कदम है, ताकि किसी भी तरह की प्राइस-सेंसिटिव जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके।

9 महीने की परफॉरमेंस और डिविडेंड

हालांकि, 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों की बात करें तो, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 16.22% गिरकर ₹689.00 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹822.41 करोड़ था। इस बीच, कंपनी ने 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

बड़ा ऑर्डर बुक और भविष्य की रणनीति

रेल मंत्रालय के तहत आने वाली यह नवरत्न PSU कंपनी भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभाती है। RVNL के पास ₹90,000 करोड़ से अधिक का एक मजबूत ऑर्डर बुक है, जो अगले चार से पांच साल के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है।

जोखिम और पीयर एनालिसिस

निवेशकों को कंपनी की ₹5,375.93 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज पर भी नजर रखनी चाहिए। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में IRCTC, IRFC और Texmaco Rail & Engineering जैसी कंपनियां भी हैं। RVNL का मुख्य फोकस प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कंस्ट्रक्शन पर है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.