RPP Infra Projects Ltd ने 31 मार्च, 2026 तक जारी किए गए कुल 49,680,584 शेयरों का खुलासा किया है। कंपनी की लिस्टेड कैपिटल 49,585,918 शेयर रही। इन दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर मुख्य रूप से शेयर 'फॉरफीचर' (Forfeiture) के कारण है।
RPP Infra Projects Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी शेयर कैपिटल ऑडिट रिपोर्ट फाइल की है, जो कंपनी की कुल जारी शेयर कैपिटल को उसके लिस्टेड और डीमैट होल्डिंग्स के साथ मिलान करती है। रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष यह है कि 94,666 'पार्टली पेड' (Partly Paid) शेयर बकाया कॉल मनी का भुगतान न करने के कारण जब्त कर लिए गए हैं।
रिपोर्ट में 24 फरवरी, 2026 को प्रमोटरों के बीच गिफ्ट के माध्यम से हुए शेयर ट्रांसफर का भी दस्तावेजीकरण किया गया है। हालांकि, इस ट्रांसफर से कंपनी के समग्र नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं आया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी पहले भी छोटी मात्रा में शेयर 'फॉरफीचर' के मामले दर्ज कर चुकी है। RPP Infra को SEBI से लिस्टिंग नियमों का पालन न करने पर जुर्माने सहित रेगुलेटरी जांच का सामना भी करना पड़ा है।
इस रिपोर्ट से निवेशकों को अब कुल जारी शेयरों की तुलना में सक्रिय रूप से लिस्टेड शेयरों की सटीक संख्या की स्पष्ट समझ मिली है। साथ ही, कैपिटल स्ट्रक्चर में किसी भी विसंगति का आधिकारिक कारण भी प्रदान किया गया है। कंपनी ने पुष्टि की है कि आंतरिक शेयर ट्रांसफर के बावजूद, प्रमोटर का नियंत्रण अपरिवर्तित बना हुआ है।
शेयरों के जब्त होने का मतलब डिफ़ॉल्ट करने वाले शेयरधारकों के लिए वित्तीय नुकसान है और यह जारी कैपिटल से कुल इक्विटी बेस को भी कम करता है। भविष्य में, शेयर कैपिटल मिलान के लिए SEBI के नियमों का निरंतर पालन सुनिश्चित करना होगा, साथ ही जब्त किए गए शेयरों या संबंधित अनुवर्ती कार्रवाइयों पर भी नज़र रखनी होगी।
