RMC Switchgears Limited के प्रमोटर Ankit Agrawal ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को काफी बड़ा लिया है। उन्होंने 8,45,700 इक्विटी शेयर्स हासिल किए हैं, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 18.70 लाख शेयर्स (17.72%) हो गई है। पहले यह हिस्सेदारी 10.24 लाख शेयर्स (9.71%) थी।
यह शेयर अधिग्रहण 28 जनवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 के बीच एक ऑफ-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए हुआ है। खास बात यह है कि यह ट्रांसफर प्रमोटर ग्रुप की इकाइयों Vitthal Das Agrawal HUF और Vitthal Das Agarwal से ₹7,509 के मामूली कंसीडरेशन (Gift Transfer) के रूप में हुआ है। यह SEBI की SAST (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) रेगुलेशंस के तहत तुरंत रिलेटिव्स के लिए एग्जेंप्शन के दायरे में आता है।
इसका क्या मतलब?
प्रमोटरों द्वारा अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना अक्सर कंपनी के भविष्य की संभावनाओं में मैनेजमेंट के मजबूत भरोसे का संकेत माना जाता है। Ankit Agrawal का यह कदम कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा में उनकी अधिक भागीदारी और मजबूत विश्वास को दर्शाता है। इस बदलाव से कंपनी की ओनरशिप स्ट्रक्चर में भी महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है, क्योंकि कंपनी के बड़े हिस्से पर अब एक मुख्य इनसाइडर का नियंत्रण बढ़ गया है।
पृष्ठभूमि
इस ट्रांजैक्शन से पहले, Ankit Agrawal के पास कंपनी के 9.71% के बराबर 10,24,445 इक्विटी शेयर्स थे। यह शेयर ट्रांसफर उनके दादा Vitthal Das Agrawal और Vitthal Das Agrawal HUF से एक गिफ्ट के रूप में हुआ, जिसमें ज्यादा पैसों का लेन-देन नहीं हुआ। यह कदम तब उठाया गया है जब RMC Switchgears BSE SME प्लेटफॉर्म से BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को कंपनी की ओनरशिप में प्रमोटर के बढ़ते प्रभाव, BSE मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की प्रगति, और आने वाले समय में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
