तकनीकी छलांग और 'मेक इन इंडिया' को बल
RIR Power Electronics Limited ने हाल ही में यह घोषणा की है कि उन्होंने भारत का पहला स्वदेशी 25 kV, 120 kA हाई-वोल्टेज थायरिस्टर स्विच (Thyristor Switch) तैयार कर लिया है। यह हाई-पावर पल्स एप्लीकेशन (high-power pulse applications) के लिए एक एडवांस्ड (advanced) कंपोनेंट है। इस तकनीक में 8 kV वोल्टेज ब्लॉकिंग कैपेसिटी (voltage blocking capacity) वाला एक SCR (Silicon Controlled Rectifier) शामिल है, जिसका साइज़ 125 mm है।
यह डेवलपमेंट भारत के हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर (high-power electronics sector) के लिए एक बड़ा कदम है। यह 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल को मज़बूत करता है, लोकल मैन्युफैक्चरिंग स्किल्स (local manufacturing skills) को बढ़ाता है और एडवांस्ड कंपोनेंट्स के इंपोर्ट (import) पर निर्भरता को काफी कम करता है। इससे भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति और मज़बूत करेगा।
RIR Power Electronics का इस क्षेत्र में पहले से ही अनुभव रहा है और यह नया प्रोडक्ट लॉन्च कंपनी की स्ट्रेटेजी (strategy) के साथ-साथ देश के 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) के लक्ष्य के अनुरूप है।
भविष्य की राह और चुनौतियाँ
इस कदम से RIR Power Electronics स्पेशलाइज्ड हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट (specialized high-power electronics market) में अपनी जगह और मज़बूत करेगा। भारत क्रिटिकल हाई-वोल्टेज स्विचिंग टेक्नोलॉजी (critical high-voltage switching technology) में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कंपनी वैश्विक स्तर पर कॉम्पिटिटिव (competitive) डोमेस्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम (domestic electronics manufacturing ecosystem) में योगदान दे रही है।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे कि डिफेंस (defense) और डायरेक्टेड एनर्जी (directed energy) जैसे ख़ास क्षेत्रों में इस स्पेशलाइज्ड स्विच को कितनी तेज़ी से अपनाया जाता है। ग्लोबल प्लेयर्स (global players) से कॉम्पिटिशन और भविष्य की डिमांड को पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना भी एक अहम पहलू होगा।
इंडस्ट्री में, ABB और Siemens जैसी ग्लोबल कंपनियां पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रमुख हैं, जबकि Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) के पास पावर सिस्टम की व्यापक क्षमताएं हैं।
