REC Ltd के शानदार नतीजे: रिकॉर्ड मुनाफे के पीछे की कहानी
REC Limited ने मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने अब तक के सबसे ऊंचे सालाना स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹16,282.26 करोड़ का ऐलान किया है। यह कमाल कंपनी के ₹5.84 लाख करोड़ के अब तक के सबसे बड़े लोन बुक (Loan Book) और लगातार बढ़ते सैंक्शंस (Sanctions) और डिस्बर्समेंट्स (Disbursements) के दम पर हुआ है।
कैसा रहा प्रदर्शन?
कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में सैंक्शंस में 21% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹4,09,097 करोड़ तक पहुंच गए। वहीं, डिस्बर्समेंट्स में 10% का उछाल आया और यह ₹2,11,189 करोड़ पर पहुंच गया।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹1.55 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इस अंतरिम डिविडेंड को मिलाकर, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कुल ₹18.55 प्रति शेयर का भुगतान किया जाएगा। कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) भी 9% बढ़कर ₹84,290 करोड़ हो गया है, जबकि कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) 23.11% पर बना हुआ है।
एसेट क्वालिटी पर फोकस
REC अपनी एसेट क्वालिटी पर भी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। कंपनी के नेट स्टेज-3 लोन (Net Stage-3 Loans) लगभग शून्य, यानी 0.12% पर हैं, और स्टेज-2 लोन में भी कमी आई है। यह कंपनी के लोन पोर्टफोलियो पर निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
REC का यह प्रदर्शन भारत में पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को फाइनेंस करने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर एसेट क्वालिटी भविष्य में और बड़े प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने की क्षमता को बढ़ाती है।
