governance में चूक और लगा जुर्माना
REC Ltd ने FY26 के लिए अपना सालाना सेक्रेटेरियल अनुपालन रिपोर्ट (annual secretarial compliance report) पेश किया है। इस रिपोर्ट में कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के दौरान सामने आई कुछ governance से जुड़ी खामियों का जिक्र किया है। इन खामियों के चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने कंपनी पर कुल ₹17.93 लाख का जुर्माना लगाया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये पेनल्टी Q3 FY25 (31 दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही) के लिए ₹6.14 लाख प्रति एक्सचेंज और Q2 FY25 (30 सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही) के लिए ₹2.83 लाख प्रति एक्सचेंज थीं। इन जुर्माने की मुख्य वजह बोर्ड कंपोजीशन (board composition) के नियमों के पालन में देरी और स्वतंत्र निदेशकों (independent directors) की नियुक्ति में हुई देरी को बताया गया है।
स्वतंत्र निदेशकों की अहमियत और PSU की चुनौतियां
कॉर्पोरेट governance के लिए स्वतंत्र निदेशक बहुत अहम होते हैं, जो कंपनी की देखरेख करते हैं और शेयरधारकों (shareholders) के हितों की रक्षा करते हैं। SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) के तहत बोर्ड कमेटियों के लिए खास नियम हैं, जिनमें स्वतंत्र निदेशकों की बहुमत में मौजूदगी जरूरी है।
REC लिमिटेड, जो कि मिनिस्ट्री ऑफ पावर के तहत एक महा-रत्न सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (CPSU) है, के लिए स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति में अक्सर सरकारी अप्रूवल और इसकी होल्डिंग कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) की प्रक्रियाओं के कारण काफी देरी हो जाती है। यह PSU की नियुक्तियों में आने वाली आम चुनौतियों को भी दर्शाता है।
निवेशकों की नजर और आगे क्या?
भविष्य में, REC की SEBI के LODR नियमों के पालन पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। शेयरधारक (shareholders) अब स्वतंत्र निदेशक के पदों को भरने की गति पर बारीकी से नजर रखेंगे। हालांकि, ये मामले पुराने हैं, कंपनी मिनिस्ट्री ऑफ पावर और PFC के साथ मिलकर इन नियुक्तियों को तेजी से करने के लिए प्रशासनिक प्रयास कर रही है। नियुक्ति में लगातार देरी या बोर्ड कंपोजीशन के नियमों का फिर से उल्लंघन कंपनी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
REC की तुलना अक्सर उसकी होल्डिंग कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) से की जाती है, और IREDA जैसी कंपनियां भी एक अलग तुलना पेश करती हैं। निवेशकों को REC Ltd की ओर से स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति को लेकर औपचारिक घोषणाओं का इंतजार रहेगा।
