RDB Rasayans Share Price: 1 अप्रैल से शेयर ट्रेडिंग पर रोक! Q4 नतीजों से पहले SEBI का बड़ा कदम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RDB Rasayans Share Price: 1 अप्रैल से शेयर ट्रेडिंग पर रोक! Q4 नतीजों से पहले SEBI का बड़ा कदम
Overview

RDB Rasayans Limited ने स्टॉक मार्केट रेगुलेटर SEBI के नियमों का पालन करते हुए, **1 अप्रैल 2026** से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने का ऐलान किया है। यह कदम कंपनी के **Q4 FY26** के नतीजों की घोषणा से पहले इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।

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RDB Rasayans: Q4 नतीजों से पहले शेयर ट्रेडिंग पर लगेगी रोक!

RDB Rasayans Limited ने अपने तिमाही नतीजों (Q4 FY26) के ऐलान से पहले एक अहम कदम उठाया है। कंपनी 1 अप्रैल 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद कर रही है। यह फैसला भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत लिया गया है, जिसका मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम कसना है।

क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?

SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग का प्रतिषेध) रेगुलेशन, 2015 के तहत, जब कोई कंपनी अपने वित्तीय नतीजे जारी करने वाली होती है, तो वह एक निश्चित अवधि के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर देती है। 24 मार्च 2026 को कंपनी ने इसकी घोषणा की थी। यह विंडो नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही दोबारा खुलेगी। इस दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोग जैसे डायरेक्टर, प्रमोटर और प्रमुख कर्मचारी कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी गैर-सार्वजनिक, मूल्य-संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल शेयर के भाव को प्रभावित करने के लिए न करे।

कंपनी का पिछला रिकॉर्ड और कॉर्पोरेट गवर्नेंस

यह कोई पहली बार नहीं है जब RDB Rasayans नियामक जांच के दायरे में आई है। कोलकाता स्थित यह कंपनी पॉलीमर-आधारित बुनी हुई बैग और FIBCs की निर्माता है। 2014 में, SEBI ने कंपनी के चेयरमैन और चार डायरेक्टर्स पर ₹3 करोड़ का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना 2011 के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामलों में लगाया गया था। उन पर IPO प्रॉस्पेक्टस में अहम जानकारी छुपाने और फंड के दुरुपयोग के आरोप थे। SEBI ने कंपनी और उसके डायरेक्टर्स पर चार साल के लिए प्रतिभूति बाजारों में कारोबार करने पर भी रोक लगा दी थी, जिसे बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने भी बरकरार रखा था।

हाल ही में, सितंबर 2021 में, एक बड़े शेयरधारक, विनोद दुगर ने 1,60,197 शेयर बेचे थे।

निवेशकों पर असर

हालांकि ट्रेडिंग विंडो बंद करना एक सामान्य प्रक्रिया है, कंपनी का पिछला रिकॉर्ड निवेशकों के लिए एक रिमाइंडर का काम कर सकता है कि वे पारदर्शिता और डिस्क्लोजर के मानकों पर कंपनी की निगरानी करते रहें।

इंडस्ट्री की यह आम बात

पैकेजिंग और कंटेनर सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे EPL Ltd., AGI Greenpac Ltd., Uflex Ltd., और Jindal Poly Films Ltd. भी अपने वित्तीय नतीजों के आसपास इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर प्रक्रिया का पालन करती हैं। यह SEBI के नियमों का पालन करने और निष्पक्ष ट्रेडिंग को बनाए रखने का एक इंडस्ट्री-व्यापी प्रचलन है।

निवेशकों को अब RDB Rasayans द्वारा 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा का इंतजार करना होगा। नतीजों के बाद, ट्रेडिंग विंडो के दोबारा खुलने की सटीक तारीख और समय पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.