किस पर होगा अब Quest Flow Controls का फोकस?
Quest Flow Controls Limited ने अपने बिजनेस को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम उठाया है। कंपनी ने अपने सब्सिडियरी H2O Dynamics India Limited में अपनी 100% हिस्सेदारी ₹73.50 करोड़ में Stellarin Research and Development Private Limited को बेच दिया है। इस सौदे के अगले दो महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
H2O Dynamics ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ₹8.11 करोड़ का नेट रेवेन्यू और ₹1.35 करोड़ की नेट वर्थ दर्ज की थी।
स्ट्रेटेजिक रीज़न: मुख्य बिजनेस पर ध्यान
इस डील के पीछे कंपनी का मुख्य मकसद अपने मुख्य कारोबार, यानी हाई-परफॉरमेंस वाल्व (High-Performance Valves) और कंट्रोल सिस्टम पर और ज्यादा ध्यान केंद्रित करना है। Quest Flow Controls का लक्ष्य खासकर डिफेंस (Defence), ऑयल (Oil) और गैस (Gas) सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करना है, साथ ही एक्सपोर्ट मार्केट्स (Export Markets) में भी विस्तार करना है। कंपनी अपनी R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) की जानकारी का इस्तेमाल नए प्रोडक्ट्स बनाने में करेगी जो इसके मुख्य बिजनेस के अनुरूप हों।
कंपनी के हालिया डेवलपमेंट
Quest Flow Controls, जिसे पहले Meson Valves India Ltd के नाम से जाना जाता था, लगातार अपनी स्ट्रेटेजी में बदलाव कर रही है। इसी साल मार्च 2026 में, कंपनी ने TAMR Alloys में अपनी हिस्सेदारी बेची थी। 2025 के अंत में, Quest Flow Controls ने अमेरिका की Quest Flow Controls, LLC में $600,000 का निवेश करके 45% हिस्सेदारी खरीदी थी, ताकि अमेरिका में सीधा सेल्स चैनल बनाया जा सके। सिर्फ पिछले महीने ही, कंपनी को डिफेंस मिनिस्ट्री के तहत भारत सरकार के एक उपक्रम से नौसेना (Naval) और क्रिटिकल वाल्व के लिए ₹90 लाख का एक अहम ऑर्डर मिला है।
फाइनेंसियल परफॉरमेंस और रिस्क
निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि Quest Flow Controls के शेयर ने पिछले एक साल में -70.01% का निगेटिव रिटर्न दिया है (27 मार्च 2026 तक)। FY25 में, कंपनी का नेट प्रॉफिट 24.4% घटकर ₹6.84 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 6.4% बढ़कर ₹67.21 करोड़ हुआ। कंपनी को कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल ट्रेड की अस्थिरता के कारण शिपिंग में देरी जैसे रिस्क का सामना करना पड़ सकता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि Stellarin Research and Development के साथ यह डील कितनी जल्दी पूरी होती है। इसके अलावा, Q1 FY27 तक API सर्टिफिकेशन, डिफेंस और ऑयल व गैस सेक्टर में ऑर्डर बुक का बढ़ना, और एक्सपोर्ट मार्केट्स में कंपनी की ग्रोथ भी महत्वपूर्ण होगी।