Quasar India Limited के बोर्ड ने 4 मई 2026 को कई अहम फैसले लिए हैं। कंपनी ने रीमा मगोत्रा (Reema Magotra) को एक अतिरिक्त नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। इसी के साथ, बोर्ड ने नम्रता शर्मा (Namrata Sharma) के नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पद से इस्तीफे को भी स्वीकार कर लिया है।
बोर्ड में हुए इन बदलावों के बाद, कंपनी ने अपनी तीन प्रमुख वैधानिक कमेटियों - ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी - का पुनर्गठन किया है। यह कदम बोर्ड की निगरानी को मजबूत करने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। रीमा मगोत्रा, जो एक शिक्षा क्षेत्र की पेशेवर हैं और नेतृत्व व संगठनात्मक विकास में अनुभव रखती हैं, उनसे बोर्ड को नई दिशा और स्वतंत्र दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है। कमेटियों के नए सिरे से गठन से यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय जांच, निदेशक नियुक्ति और शेयरधारक संचार जैसे महत्वपूर्ण कार्य नई सदस्यता के साथ सुचारू रूप से जारी रहें।
निवेशकों के लिए यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Quasar India पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। पिछले साल, SEBI ने मई 2022 से दिसंबर 2023 के बीच कंपनी के शेयरों में प्राइस और वॉल्यूम मैनिपुलेशन के मामले में 20 लोगों पर ₹2.64 करोड़ का जुर्माना लगाया था। यह घटना निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकती है। इन नए बोर्ड और कमेटी बदलावों से कंपनी गवर्नेंस पर ध्यान केंद्रित करती दिख रही है, हालांकि पिछले मुद्दों पर नजर बनी रहेगी।
