लिक्विडेशन के बीच सब्सिडियरी का सौदा
Punj Lloyd Limited ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Punj Lloyd Industries Limited को बेचने का फैसला किया है। कंपनी ने एक शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) साइन किया है, जिसके तहत Diversified India Growth Fund, जो कि एक कैटेगिरी II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (Alternative Investment Fund) है, इस सब्सिडियरी का अधिग्रहण करेगा। यह सौदा प्रति शेयर ₹1.73 के भाव पर हुआ है।
सब्सिडियरी का रेवेन्यू और सौदे की टाइमलाइन
Punj Lloyd Industries Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए ₹12,39,000 (यानी ₹12.39 लाख) का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस सौदे के मार्च 2026 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
बड़े लिक्विडेशन प्रोसेस का हिस्सा
यह डील Punj Lloyd के व्यापक लिक्विडेशन (Liquidation) और एसेट सेल (Asset Sale) प्रोसेस का एक छोटा हिस्सा है। कंपनी गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया जा रहा है। यह कदम Adani Infra (India) Ltd. की उस बड़ी डील के साथ जुड़ा है, जिसके तहत Adani Infra, Punj Lloyd की पेरेंट कंपनी को ₹281 करोड़ में खरीदकर उसके ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रही है।
Punj Lloyd की कहानी
Punj Lloyd Limited कभी भारत की एक बड़ी EPC (Engineering, Procurement, Construction) कंपनी थी, जो एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर्स में काम करती थी। कंपनी 2019 में गंभीर वित्तीय दिक्कतों के चलते कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में चली गई थी, जिस पर ₹13,380 करोड़ से ज़्यादा का कर्ज था। कई कोशिशों के बावजूद कंपनी को 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के तौर पर बेचने में सफलता नहीं मिली, जिसके बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मई 2022 में इसके लिक्विडेशन का आदेश दिया।
आगे क्या?
इस सब्सिडियरी की बिक्री Punj Lloyd की बची हुई संपत्तियों से वैल्यू निकालने की दिशा में एक और कदम है। छोटे हिस्सों को बेचकर लिक्विडेटर (Liquidator) और अधिग्रहणकर्ता के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है। निवेशकों को Punj Lloyd की पेरेंट कंपनी के Adani Infra द्वारा अधिग्रहण की प्रगति और बची हुई संपत्तियों के भविष्य पर नज़र रखनी चाहिए।