कंपनी का बड़ा फैसला: ₹250 करोड़ का डिफेंस प्लांट नागपुर में लगेगा
Pradeep Metals के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी (manufacturing facility) स्थापित करने हेतु ₹250 करोड़ तक के निवेश को हरी झंडी दे दी है। यह घोषणा तब आई जब एक खबर में ₹560.15 करोड़ के विस्तार की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिसे कंपनी ने 'सट्टा' और 'अपुष्ट' करार दिया।
₹560 करोड़ की रिपोर्ट पर सस्पेंस खत्म
कंपनी ने 'दैनिक भास्कर' (Dainik Bhaskar) की उस रिपोर्ट पर आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें ₹560.15 करोड़ के डिफेंस प्लांट विस्तार का अनुमान लगाया गया था। Pradeep Metals ने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा और प्रस्तावित विस्तार योजना फिलहाल अटकलों पर आधारित है और इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, कंपनी ने पुष्टि की कि उसके बोर्ड ने 30 जनवरी 2026 को ₹250 करोड़ के ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी (Greenfield Manufacturing Facility) के लिए निवेश को मंजूरी दी थी, जो विशेष रूप से रक्षा उपकरणों के लिए होगी।
इस नई फेसिलिटी के लिए नागपुर के बुटीबोरी इंडस्ट्रियल एरिया (Butibori Industrial Area) में जमीन की पहचान कर ली गई है। कंपनी ने इस नियोजित निवेश के बारे में अपनी शुरुआती जानकारी 30 जनवरी 2026 को दी थी, और 27 अप्रैल 2026 को एक और अपडेट जारी किया।
डिफेंस सेक्टर में बड़ी छलांग
यह कदम भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (indigenization) और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल को मजबूत करने की सरकार की मंशा के अनुरूप है। ₹250 करोड़ का यह स्पष्ट निवेश Pradeep Metals की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (manufacturing capacity) को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Pradeep Metals Ltd स्टेनलेस स्टील फोर्जिंग्स, फ्लैंज, पाइप्स और संबंधित कंपोनेंट्स का एक भारतीय निर्माता है, जो ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स (industrial sectors) को सेवा प्रदान करता है। कंपनी रणनीतिक रूप से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (defense manufacturing) में अपना फोकस बढ़ा रही है।
आगे क्या देखना होगा
निवेशकों को नागपुर में जमीन अधिग्रहण और विकास की प्रगति, नई ग्रीनफील्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी (Greenfield defense manufacturing facility) के निर्माण और संचालन के मील के पत्थर, और नई फेसिलिटी में ऑर्डर मिलने या उत्पादन क्षमता से संबंधित आगे की घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
