भारत की तेज़ी से बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को पावर ग्रिड तक पहुँचाने में PowerGrid Corporation अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा। कंपनी ने कर्नाटक में Tumkur-II ट्रांसमिशन सिस्टम प्रोजेक्ट को जीतने का ऐलान किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 2.7 GW की रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने के लिए 400 kV डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) मॉडल के तहत विकसित होगा। इस मॉडल से कंपनी को एक बड़ा लॉन्ग-टर्म एसेट मिलेगा और आने वाले समय में स्थिर रेवेन्यू (revenue) स्ट्रीम्स जेनरेट होने की उम्मीद है। PowerGrid के पास रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स के लिए टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) जीतने का एक मज़बूत ट्रैक रिकॉर्ड है। इसी कड़ी में, कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर 2023 में राजस्थान के Dhaulpur-II प्रोजेक्ट और फरवरी 2024 में तमिलनाडु के एक प्रोजेक्ट को भी BOOT आधार पर जीता था।
इस नई जीत से PowerGrid के ऑपरेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण नया एसेट जुड़ेगा। यह भारत के रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ने के ट्रांज़िशन (transition) में कंपनी की पोजीशन को और मज़बूत करेगा। एक और BOOT एसेट का जुड़ना कंपनी की लंबी अवधि की आय को और स्थिर बनाएगा।
हालांकि, PowerGrid को Adani Energy Solutions और Sterlite Power जैसे प्राइवेट प्लेयर्स से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ता है। ये कंपनियाँ भी रिन्यूएबल एनर्जी इवैक्य़ुएशन (evacuation) प्रोजेक्ट्स के लिए ज़ोर-शोर से बोली लगा रही हैं, जिससे टैरिफ (tariffs) पर दबाव आता है। Tumkur-II प्रोजेक्ट को जीतना इस बात का संकेत है कि PowerGrid इस ज़रूरी सेगमेंट में अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बनाए हुए है।
निवेशक अब प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन (construction) शुरू होने और कमीशनिंग (commissioning) की आधिकारिक समय-सीमा पर नज़र रखेंगे। वे प्रोजेक्ट की फाइनेंसियल क्लोजर (financial closure) और फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर (financing structure) की डिटेल्स में भी दिलचस्पी लेंगे। साथ ही, प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने के बाद उसके परफॉरमेंस (performance) और टैरिफ रियलाइजेशन (tariff realization) पर भी नज़र रखी जाएगी। भविष्य में होने वाली TBCB ऑक्शन्स (auctions) में PowerGrid की भागीदारी और सफलता दर भी महत्वपूर्ण होगी।
