क्यों फंसे हैं ₹56.74 करोड़?
यह राशि मुख्य रूप से टासरा ओपनकास्ट साइट पर कोयला वॉशऱी प्रोजेक्ट के लिए आरक्षित थी। हालांकि, ज़रूरी अप्रूवल्स (approvals) मिलने में हो रही देरी के कारण, इस फंड का इस्तेमाल अब फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) तक ही हो पाएगा।
अच्छी खबर: लोन चुकाने का काम पूरा
कंपनी के मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोन चुकाने (loan repayment) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए रखे गए फंड्स को उनकी तय समय-सीमा के भीतर पूरी तरह से इस्तेमाल कर लिया गया है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और टाइमलाइन
Power Mech Projects ने अक्टूबर 2023 में QIP के ज़रिए ₹350 करोड़ जुटाए थे। इसका मुख्य मकसद टासरा ओपनकास्ट प्रोजेक्ट के लिए कोयला वॉशऱी और कोयला हैंडलिंग प्लांट के कैपेक्स (CAPEX) को फंड करना था। कोयला वॉशऱी प्रोजेक्ट के लिए मूल लागत ₹240.00 करोड़ तय की गई थी, जबकि QIP से जुड़े कुल प्रोजेक्ट की लागत ₹343.40 करोड़ थी। पहले की रिपोर्ट्स में भी अप्रूवल मिलने में हो रही देरी का ज़िक्र था, जिसने प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को प्रभावित किया था।
आगे की राह
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोयला वॉशऱी इंस्टॉलेशन के लिए आवश्यक सरकारी और वैधानिक अप्रूवल्स (statutory approvals) को समय पर प्राप्त करना है। निवेशकों को अब इस बात पर नज़र रखनी होगी कि शेष ₹56.74 करोड़ का कोयला वॉशऱी प्रोजेक्ट के लिए वास्तव में कब इस्तेमाल होता है और Q2FY27 तक फाइनल अप्रूवल्स मिलने के बाद प्रोजेक्ट कब शुरू होता है।
