WBSEDCL का बड़ा प्रोजेक्ट कैंसिलेशन
वेस्ट बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) ने Power Mech Projects की सब्सिडियरी, PM Green Private Limited को दिए गए 250 MW/1000 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) को वापस ले लिया है। एडमिनिस्ट्रेटिव और प्रोसीजरल कारणों का हवाला देते हुए इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया है, जिसके चलते Power Mech Projects की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक वैल्यू में ₹1,563 करोड़ की भारी कटौती होगी। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि इस टेंडर से जुड़े उसके बिड सिक्योरिटी और परफॉरमेंस गारंटी वापस मिल गए हैं।
ऑर्डर बुक क्यों है अहम?
एक EPC (Engineering, Procurement, and Construction) कंपनी के लिए ऑर्डर बुक भविष्य की कमाई और ग्रोथ की सबसे बड़ी सूचक होती है। इस तरह के बड़े ऑर्डर का रद्द होना कंपनी के रेवेन्यू प्रोजेक्शन पर सीधा असर डालता है और निवेशकों के भरोसे को भी प्रभावित कर सकता है। यह इस सेक्टर की कॉम्पिटिटिव प्रकृति और फाइनेंशियल टारगेट को बनाए रखने के लिए मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन की जरूरत को दर्शाता है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और पिछली घटनाएं
PM Green Private Limited ने WBSEDCL का यह स्टैंडअलोन BESS प्रोजेक्ट अक्टूबर 2025 में जीता था। वेस्ट बंगाल के Goaltore सबस्टेशन के लिए प्लान किए गए इस प्रोजेक्ट का मकसद ग्रिड की विश्वसनीयता को बढ़ाना और रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों को एकीकृत करना था। इस BESS प्रोजेक्ट से करीब ₹15.63 अरब (यानी ₹1,563 करोड़) की अनुमानित कमाई होनी थी। Power Mech Projects को पहले भी ऑर्डर कैंसिलेशन का अनुभव है; जुलाई 2019 में आंध्र प्रदेश से ₹512.78 करोड़ का एक ऑर्डर निर्माण शुरू न होने के कारण रद्द कर दिया गया था।
ऑर्डर बुक और गारंटी पर असर
₹1,563 करोड़ की यह कमी Power Mech Projects की रिपोर्टेड ऑर्डर बुक वैल्यू में दिखेगी। कंपनी के बिड सिक्योरिटी और परफॉरमेंस बैंक गारंटी की वापसी इस विशेष टेंडर प्रक्रिया को PM Green के लिए औपचारिक रूप से समाप्त करती है। अब मैनेजमेंट का फोकस रेवेन्यू के नुकसान की भरपाई करने और ग्रोथ मोमेंटम बनाए रखने के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने पर होने की उम्मीद है।
मुख्य जोखिम और चुनौतियां
Power Mech Projects के लिए एक बड़ा जोखिम यह है कि अगर नए ऑर्डर तुरंत हासिल नहीं हुए तो शॉर्ट-टर्म रेवेन्यू विजिबिलिटी पर असर पड़ सकता है। किसी भी अन्य कैंसिलेशन या मौजूदा प्रोजेक्ट्स में देरी से कंपनी की फाइनेंशियल परफॉरमेंस और अनुमानित ग्रोथ पर दबाव आ सकता है।
कॉम्पिटिटिव माहौल
Power Mech Projects, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) के क्षेत्र में काम करती है, जहां भारी प्रतिस्पर्धा है। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Larsen & Toubro (L&T), जो अपने विविध पोर्टफोलियो और बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती है, और Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL), जो पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग और EPC कॉन्ट्रैक्ट्स में एक प्रमुख खिलाड़ी है, शामिल हैं। पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में KEC International और Kalpataru Projects जैसे अन्य प्रमुख प्रतिस्पर्धी भी हैं, जो बाजार की डायनामिक प्रकृति को दर्शाते हैं।
टेंडर की डिटेल्स
रद्द हुए टेंडर में 250 MW की क्षमता और 1000 MWh स्टोरेज वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को शामिल किया गया था। ऑर्डर बुक में यह कटौती मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए बताई गई है।
आगे की राह
आगे चलकर, निवेशक रद्द हुए कॉन्ट्रैक्ट के वैल्यू को बदलने के लिए Power Mech Projects की नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता पर करीब से नज़र रखेंगे। मैनेजमेंट से कैंसिलेशन और इससे निपटने की रणनीति पर टिप्पणियों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा। अन्य मौजूदा प्रोजेक्ट्स की परफॉरमेंस, कंपनी की टेंडर पाइपलाइन और रेलवे व माइनिंग जैसे सेक्टर्स में इसके डाइवर्सिफिकेशन के प्रयास भी फोकस के क्षेत्र रहेंगे।