बोर्ड की मीटिंग 15 मई, 2026 को हुई थी। इस मीटिंग में कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों पर मुहर लगाई। कंपनी ने शेयरधारकों को ₹1.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह डिविडेंड, ₹10 के फेस वैल्यू पर 12.50% बनता है, जिसे आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलेगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने कंपनी की कैपिटल जुटाने की योजना को भी मंजूरी दे दी है। Power Grid ₹5,000 करोड़ तक की राशि अनसिक्योर्ड रुपी टर्म लोन या लाइन ऑफ क्रेडिट के जरिए जुटा सकती है। यह फंड कंपनी के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यह घोषणाएं निवेशकों को Power Grid के FY2025-26 के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की स्पष्ट तस्वीर देती हैं। डिविडेंड की सिफारिश कंपनी की शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, ₹5,000 करोड़ जुटाने की मंजूरी यह बताती है कि कंपनी अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) और ग्रोथ के लिए फंड की व्यवस्था कर रही है।
Power Grid Corporation भारत की सबसे बड़ी पावर ट्रांसमिशन यूटिलिटी है, जो देश के ग्रिड का एक बड़ा हिस्सा संभालती है। सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी वाली यह कंपनी, विभिन्न जनरेशन स्रोतों से बिजली पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। कंपनी FY2024-FY2026 के लिए लगभग ₹20,000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान पर काम कर रही है।
शेयरधारक एनुअल जनरल मीटिंग में फाइनल डिविडेंड पर वोट करेंगे। इसके बाद Power Grid ₹5,000 करोड़ के फंड की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, जिससे उसकी लिक्विडिटी बढ़ेगी और कैपिटल एक्सपेंडिचर को सपोर्ट मिलेगा।